फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand High court seeks response from central and state government in case of vaccine against Nepal labourers

उत्तराखंड: नेपाली मजदूरों को वैक्सीन न लगाने के मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब

Wed, 19 May 2021 11:42 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 19 May 2021 11:42 PM IST
सार

उत्तराखंड के सीमांत जिलों में बड़ी संख्या में नेपाली मजदूर काम करते हैं। लेकिन सरकार ने अभी तक उनके वैक्सीनेशन के लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है। इसके चलते हाईकोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है।

विज्ञापन
Uttarakhand High court seeks response from central and state government in case of vaccine against Nepal labourers
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के इस दौर में नेपाली मजदूरों को वैक्सीन नहीं लगाने के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। 

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कोरोना महामारी को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश ने नेपाली मजदूरों को वैक्सीन नहीं लगाने पर स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इन री वैक्सिनेशन आफ नेपाली मजदूर के नाम से जनहित याचिका को स्वीकार किया है। कोर्ट का कहना है कि उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर नेपाली मजदूर कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन


उत्तराखंड में कोरोना: सामने आए 4492 नए संक्रमित, 110 की मौत, एक्टिव केस की संख्या 73 हजार पार
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्हीं की ओर से अधिकतर सामान लाया और ले जाया जाता है, लेकिन सरकार ने अभी तक उन्हें वैक्सीन लगाए जाने के संबंध में कोई गाइड लाइन जारी नहीं की है। जिस पर सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि यह मामला केंद्र सरकार से भी संबंधित है, उनको इसमें पक्षकार बनाया जाए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी कर केंद्र व राज्य को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।

कोविड कर्फ्यू लगाने के मामले सरकार से दो सप्ताह में मांगा जवाब

हाइकोर्ट ने प्रदेश में कोविड कर्फ्यू लगाने के मामले में देहरादून बार एसोसिएशन के पत्र का जनहित याचिका के रूप में संज्ञान लेते हुए सरकार को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। 

मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने इन री इम्पोजिंग ऑफ कंम्पलीट लॉकडाउन ऑर कर्फ्यू इन द स्टेट ऑफ उत्तराखंड के नाम से जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की। देहरादून बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कहा था कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण ने पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले रखा है और सरकार इसे रोकने में नाकाम है। सरकार ने एक तरफ जहां कर्फ्यू लगा रखा है, वहीं दूसरी तरफ 10 बजे तक आवश्यक दुकानों के अलावा अन्य सुविधाओं के लिए छूट दे रखी है।

सभी सरकारी कार्यालय खुले हुए हैं। राज्य में कोरोना से मरने वालों की संख्या अन्य राज्यों से कहीं अधिक है, फिर भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। बार एसोसिएशन का यह भी कहना था कि देहरादून का रजिस्ट्रार कार्यालय कचहरी में स्थित है, जहां पर कार्यालय से संबंधित सभी कार्य हो रहे हैं और कोविड के नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन किया जा रहा है। इसके कारण कई अधिवक्ता संक्रमण की चपेट में आकर अपनी जान तक गंवा चुके हैं। बार ने कोर्ट से प्रार्थना की है कि कोविड के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और आवश्यक सेवाओं वाली दुकानों, कार्यालयों व अन्य सुविधाओं पर छूट दी जाए। कर्फ्यू पूर्ण रूप से लगाया जाए ताकि संक्रमण पर काबू पाया जा सके

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed