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उत्तराखंड: सुगम में संबद्ध शिक्षकों को हाईकोर्ट से झटका, मूल तैनाती वाले स्कूलों में देनी होगी डयूटी
Fri, 20 Nov 2020 10:34 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 20 Nov 2020 10:34 PM IST
सार
- मनमाफिक स्कूलों में संबद्धता खत्म करने के सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
- दुर्गम में मूल तैनाती वाले स्कूलों के बजाय शहर में सुविधाजनक स्कूलों में कर रहे हैं ड्यूटी
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विस्तार
प्राथमिक शिक्षकों की मनमाफिक स्कूलों में संबद्धता खत्म करने के सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता शिक्षक पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में संबद्ध किए गए थे। कोर्ट के इस आदेश के बाद पहाड़ के स्कूलों में तैनाती के बजाय देहरादून और हल्द्वानी सहित अन्य शहरों में सुविधाजनक विद्यालयों में संबद्ध शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है। संबद्ध किए इन शिक्षकों को अब मूल तैनाती वाले स्कूलों में डयूटी देनी होगी।
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न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 2016 में तत्कालीन सरकार ने बड़े पैमाने पर शिक्षकों के तबादले किए थे और कई को संबद्ध किया था। याचिका में कहा गया कि करीब छह सौ प्राथमिक शिक्षक अपने मूल विद्यालयों के बजाय मनमाफिक और सुविधाजनक विद्यालयों में संबद्ध हो गए।
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2019 में वर्तमान सरकार ने इन शिक्षकों की संबद्धता समाप्त करते हुए मूल विद्यालय में उनकी तैनाती के आदेश जारी कर दिए। इस आदेश के बाद कुछ शिक्षकों ने तो मूल विद्यालय में ज्वाइन कर लिया, जबकि कई ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के आदेश को चुनौती दे डाली। पूर्व में कोर्ट से कुछ शिक्षकों को अंतरिम राहत मिली थी। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने करीब दो दर्जन से अधिक शिक्षकों की याचिकाएं खारिज कर दीं हैं।
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