उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने पायलट बाबा को इलाज के लिए यूक्रेन जाने की दी अनुमति, मिले 90 दिन
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हाईकोर्ट ने पायलट बाबा को इलाज के लिए यूक्रेन जाने की अनुमति दे दी है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें तीन माह का समय दिया।
याची का कहना था कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल की कोर्ट में उन्होंने अपने इलाज के लिए यूक्रेन जाने का प्रार्थना पत्र दिया था। सीजेएम ने उनको 23 मई से 20 जून तक के मध्य विदेश जाने की अनुमति दी साथ में यह भी कहा कि आने जाने पर उनको तल्लीताल थाने को अवगत करना होगा और 25 लाख का बांड भी भरना होगा।
जाने से पहले यूक्रेन पुलिस को अवगत भी कराना होगा। एकलपीठ ने सीजेएम के आदेश को सही माना, लेकिन उनके विदेश जाने की समय सीमा 90 दिन कर दी। समय की गणना उनके विदेश रवाना होते ही शुरू हो जाएगी।
बता दें कि हाल ही में धोखाधड़ी के मामले में लंबी सुनवाई के बाद पायलट बाबा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। आइकावा इंटरनेशनल एजुकेशन संस्था के संस्थापक व संचालक हिमांशु राय, इशरत खान, उपाध्यक्ष जापानी नागरिक केको आइकावा, कपिल अद्वैत उर्फ पायलट बाबा व इनके सहयोगी इरफान खान, पीसी भंडारी, विजय यादव व मंगल गिरी के खिलाफ 2008 में हल्द्वानी निवासी दर्जा राज्यमंत्री हरीश पाल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
उसमें कहा गया था कि कंप्यूटर सेंटर की शुरुआत करने के लिए उनसे 67760 के बदले आश्वासन दिया गया था कि उन्हें 50500 रुपये प्रतिमाह की आय होगी। उनसे कुल 320760 रुपये की राशि हड़प ली गई और कुछ नहीं मिला।
आरोप था कि 11000 लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई। मामले की जांच सीबीसीआईडी ने की थी 2010 में आरोप पत्र दाखिल किया था। तब से आरोपियों को समन भेजे जाते थे जो उन लोगों के न मिलने पर तामील नहीं हुए। मामला कोर्ट में चलता रहा। सजा होने के बाद हालत खराब होने पर पायलट बाबा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं उन्होंने जमानत याचिका भी दायर की। इसके बाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने पायलट बाबा को जमानत दे दी थी। तब से पायलट बाबा का इलाज चल रहा है।