उत्तराखंड: कई सालों से ड्यूटी से गायब 147 डॉक्टरों को नोटिस, जवाब न देने पर समाप्त होंगी सेवाएं
- 15 दिन के भीतर मांगा जवाब, जवाब नहीं दिया तो समाप्त होगी सेवाएं
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उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने पिछले कई वर्षों से ड्यूटी से गायब 147 डॉक्टरों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है। इसमें अधिकतर डॉक्टरों की तैनाती पर्वतीय जनपदों के अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में की गई थी। लेकिन विभाग को बिना सूचित किए ये डॉक्टर तैनाती स्थल से गायब हैं। इनमें कार्डियोलॉजिस्ट, सर्जन, न्यूरो सर्जन, ईएनटी, बाल रोग, नेत्र रोग, फिजिशियन समेत अन्य डॉक्टर शामिल हैं।
गैर हाजिर डॉक्टरों में अधिकतर की तैनाती प्रदेश के पर्वतीय जिलों में हुई थी, लेकिन तैनाती देने के कुछ माह बाद से डॉक्टर ड्यूटी से अनुपस्थित हैं। बता दें कि पिछले साल भी विभाग ने गैर हाजिर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर नियुक्ति को समाप्त किया था। वहीं, बांड धारी डॉक्टरों को नोटिस जारी कर सरकार की ओर से फीस में दी गई रियासत को वापस लेने की कार्रवाई की गई थी।
विभाग की सख्ती के बाद कुछ बांड धारी डॉक्टर वापस लौट आए हैं। लेकिन कुछ डॉक्टर पूरी फीस जमा कर सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने बताया कि लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर गैर हाजिर डॉक्टर को जवाब देना होगा। जवाब न मिलने पर डॉक्टरों की नियुक्ति को समाप्त किया जाएगा। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।