उत्तराखंड में सुलग रहे जंगल: गढ़वाल से कुमाऊं तक रिकॉर्ड 68 घटनाएं, अब तक 298 पर मुकदमा दर्ज
Uttarakhand Forest Fire: जंगल की आग की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर जाकर आग बुझाने का प्रयास कर रही है।
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उत्तराखंड में तापमान बढ़ने के साथ ही जंगल की आग तेजी से भड़क रही है। मंगलवार को गढ़वाल से कुमाऊं तक एक दिन में रिकॉर्ड 68 जगह जंगल धधके। इसमें वनाग्नि की सबसे अधिक 44 घटनाएं गढ़वाल और 17 कुमाऊं की हैं। वन्य जीव क्षेत्र में भी सात जगह आग लगी है।
अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा के मुताबिक जंगल में आग लगाने के आरोप में 21 अन्य लोगों को नामजद किया गया है। अपर प्रमुख वन संरक्षक के मुताबिक जंगल की आग की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर जाकर आग बुझाने का प्रयास कर रही है। इस काम में एसडीआरएफ और फायर सर्विस की भी मदद ली जा रही है, जबकि नैनीताल वन प्रभाग में एनडीआरएफ को तैनात किया गया है।
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जंगल में आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विभाग की ओर से अब तक 298 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। वन विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, टिहरी बांध प्रथम वन प्रभाग और नैनीताल वन प्रभाग में एक-एक जगह आग लगी है।
अल्मोड़ा वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र में पांच, सिविल सोयम अल्मोड़ा वन प्रभाग में एक, तराई पूर्वी वन प्रभाग में सात, रामनगर वन प्रभाग में एक, मसूरी वन प्रभाग में 12, लैंसडौन भूमि संरक्षण वन प्रभाग में दो, सिविल सोयम पौड़ी वन प्रभाग में 27, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में छह जगह वनाग्नि की घटनाएं हुई हैं।