उत्तराखंड: फटी जींस के बयान से सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए सीएम तीरथ, समर्थन में उतरे पार्टी के नेता
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बयानों पर छिड़े विवाद से सियासत गरमा गई है। एक ओर जहां कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना दिया है तो दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर में मुख्यमंत्री के बयान खूब वायरल हो रहे हैं। इनके विरोध में लोग तीखी टिप्पणियां कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह सिंह रावत ने हाल फिलहाल में फटी जींस और लड़कियों के यूनिवर्सिटी में बदन दिखाने का जो बयान दिया, वह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। दो दिन के भीतर उनके बयानों का यह विवाद पूरे देश में चर्चाओं में आ गया। बृहस्पतिवार को भी बयान को लेकर देशभर से तीखी टिप्पणियों का दौर जारी रहा। उधर, प्रदेश कांग्रेस ने भी इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फेसबुक पोस्ट की। उन्होंने कहा ‘हमारे नए मुख्यमंत्री महिलाओं की फटी जींस पहनने या कटी जींस पहनने पर बहुत खफा हैं।
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मुख्यमंत्री जी यह नया जमाना है। आपको तो मोदी जी राम नजर आते हैं, कृष्ण नजर आते हैं और अब आप हमारी बेटियों की जींस पहनने पर भी कमेंट करने लग गए।’ वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी इस पर सवाल खड़े किए हैं। आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष रजिया बेग ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महिलाओं के खिलाफ जो अशोभनीय बयान दिया है, आप पार्टी उसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है। कहा कि उन्होंने अपने बयानों से सभी महिलाओं का अपमान किया है, जिससे उनकी महिला विरोधी मानसिकता झलकती है। एक ओर सरकार बेटियों को आगे बढ़ाने की बात करती है, दूसरी ओर मुख्यमंत्री महिलाओं के प्रति ऐसे बयान देते हैं, यह भाजपा की दोहरी मानसिकता है। दूसरी ओर, प्रदेशभर में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के इस बयान के विरोध में प्रदर्शन किए। देहरादून सहित कई शहरों में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।
मुख्यमंत्री के समर्थन में भी सोशल मीडिया पर आए लोग
लगातार सोशल मीडिया में लोगों की तल्ख टिप्पणियों का सामना कर रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के समर्थन में भी लोग नजर आने लगे। बृहस्पतिवार को शोभना रावत स्वामी ने लिखा-बात तो संस्कृति की ही थी। फटी जींस का केवल उदाहरण दिया गया था। इसमें बुराई क्या है। बाकी जिनकों यह फटी जींस की संस्कृति पसंद है, उन पर कोई रोक नहीं लगाई है। कई और लोगों ने फेसबुक और ट्वीटर पर मुख्यमंत्री के बयान को सही ठहराया।
मुख्यमंत्री का उद्देश्य ऐसा नहीं था, उनका ध्येय था कि समाज के बीच संस्कार विद्यमान होने चाहिए। संस्कार के आधार पर ही समाज मजबूत बनता है।
-मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
महिलाओं का सम्मान करना ही हम लोगों की संस्कृति में है। इसी को अच्छे दृष्टिकोण से देखने के संदर्भ में सीएम ने कहा होगा। इस पर कोई राजनीति कर रहा है, वह गलत है। महिलाएं हमारी पूजनीय हैं। देवीतुल्य हैं। मां-बहन तुल्य हैं। बेटी तुल्य हैं। उनके लिए सीएम साहब कभी नकारात्मक भाव में कह ही नहीं सकते।
-अरविंद पांडेय, शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार
मुुख्यमंत्री ने भारतीय मूल्यों के बारे में कहा था। हर किसी की अपनी पसंद है, चाहे वह महिला हो या पुरुष। उनकी मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। ऐसी बातों का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
-सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता, उत्तराखंड सरकार
कार्यक्रम में सहयोगी रहे मंत्री ने किया जींस के शोरूम का उद्घाटन
जिस बाल आयोग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जींस को लेकर विवादित बयान दिया था, उसी कार्यक्रम में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बृहस्पतिवार को राजपुर रोड पर एक जींस के शोरूम का उद्घाटन किया। उन्होंने शोरूम के मालिक को बधाई दी।
महिलाएं क्या पहनेंगी उनका अधिकार, सीएम छोड़ें चिंता
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के महिलाओं के फटी जींस पहनने के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि महिलाएं क्या पहनेंगी उनका अधिकार है, सीएम को चिंता छोड़ देनी चाहिए। जिम्मेदार पद पर बैठकर पहनावे पर आलोचना करना ठीक नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इलाहाबाद विवि की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव के अजान पर दिए बयान पर भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अजान माइक पर क्यों पढ़ी जाए। मुस्लिम भाइयों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हिंदुओं के मंदिरों पर माइक पर शिव तांडव सुनाई जाए तो देशभर में तांडव शुरू हो जाएगा।
कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में आयोजित पत्रकार वार्ता में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को महिलाओं के पहनावे पर बोलने से पहले भारतीय संस्कृति का ख्याल रखना चाहिए। भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दें, अच्छी बात है। लेकिन पहनावे पर आलोचना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मदरसों में इस्लाम की शिक्षा दी जाती है। ईसाई अपने धर्म की शिक्षा देते हैं। देश में सबसे ज्यादा हिंदू हैं, लेकिन किसी भी विद्यालय में भारतीय संस्कृति एवं धर्म की शिक्षा नहीं दी जाती है। विद्यालयों में भारतीय संस्कृति एवं धर्म की शिक्षा शुरू होगी तो बदलाव आएगा।
अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव के अजान पर दिए बयान को करोड़ों लोगों की आवाज बताया है। उन्होंने कहा कि कोई बड़ा व्यक्ति जब बोलता है तभी इसकी चर्चा होती है। करोड़ों लोग हैं अजान की वजह से उनकी नींद में खलल होता है। संतों का ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है। परेशानी सभी लोगों को है। इस तरह के कार्य से हम किसी दूसरे धर्म के लोगों को परेशान नहीं कर सकते हैं।