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अतिक्रमण विरोधी अभियान की जद से मलिन बस्तियों को बचाएगी उत्तराखंड सरकार

Wed, 25 Jul 2018 12:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 25 Jul 2018 12:45 PM IST
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uttarakhand cabinet ordinance present for save slums
trivendra singh rawat

सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश पर चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान की जद से मलिन बस्तियों को बचाने का मन बना लिया है। इसके लिए अध्यादेश लाने समेत अन्य कानूनी प्रावधान किए जाने के संबंध में बुधवार को कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया जाएगा। बस्तियों को हटाने के लिए सरकार अध्यादेश के जरिए दो वर्ष का समय ले सकती है। इस वक्त का इस्तेमाल बस्तीवासियों को किसी अन्य स्थान पर बसाने में किया जाएगा।  

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पूर्व में अवैध बस्तियों के नियमितीकरण को लेकर बनाए गए कानून में संशोधन का प्रावधान भी में किया जा सकता है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री को कैबिनेट की ओर से इस संबंध में निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। उसके बाद सीएम के स्तर से राज्यपाल के पास प्रस्ताव भेजकर अध्यादेश जारी कराए जाने की कार्रवाई की जा सकती है। बस्तियों को हटाने को लेकर अपने और कांग्रेस विधायकों के कड़े रुख व बस्तिवासियों के जबरदस्त प्रतिरोध के बाद सरकार ने यह मानस बनाया है। 
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उच्चपदस्थ सूत्रों से संकेत मिले हैं कि अब सरकार आखिरी उपाय यानी अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत कैबिनेट में बुधवार को अध्यादेश को लेकर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री को कैबिनेट की ओर से इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए अधिकृत किए जाने की कार्रवाई भी हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक अध्यादेश लाकर दो वर्ष का समय लिया जाएगा। इस वक्त में अवैध बस्तियों में रहने वालों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलवाकर उनमें शिफ्ट किया जाएगा।
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शहर में चल रहे अतिक्रमण अभियान को भी बरसात तक रोकने के उपाय किए जा सकते हैं। इस संबंध में मंगलवार देर रात तक मंथन होता रहा। वर्ष 2006 में दिल्ली सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के इसी प्रकार के एक फैसले में अध्यादेश लाकर एक वर्ष का समय लेने संबंधी दस्तावेज भी जुटाए गए हैं। वहीं अध्यादेश के जरिए वर्ष 2009 और 2016 में बस्तियों के नियमितीकरण को लेकर बनाए एक्ट में भी संशोधन करने का प्रावधान भी किया जा सकता है।  

26 को पूरी होगी हाईकोर्ट की मियाद 
अतिक्रमण हटाओ टास्क फोर्स के प्रभारी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बीते 18 जून को हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को देहरादून शहर का अतिक्रमण चार सप्ताह में ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। 26 जून को आदेश की कॉपी मिलने के बाद अतिक्रमण हटाओ टास्क फोर्स ने 28 जून से अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि हमें 26 को आदेश की कॉपी मिली है, ऐसे में हम 26 जून से ही चार सप्ताह माने जाने का अनुरोध करेंगे। 


हाईकोर्ट जाने से बचती रही सरकार
 समय सीमा समाप्त होने में अब महज दो दिन शेष रह गए हैं। अपने विधायकों के अनुरोध पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बारिश के मौसम तक अभियान रोकने का समय देने की याचिका दायर की। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने समय मांगने के लिए हाईकोर्ट की ही राह दिखाई गई। सरकार अब तक हाईकोर्ट नहीं गई।
 
शहर में...
129 मलिन बस्तियां
40000 मकान
300000 हैं निवासी

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