ऋषिकेश: बढ़ता अपराध, नशे-हथियार से लेकर अवैध कैसीनो तक, तीर्थनगरी का स्वरूप मैला करने की कोशिश
जिस ऋषिकेश की पहचान योग, अध्यात्म और गंगा की पवित्रता से है, अब वही शहर कुछ ऐसी घटनाओं को लेकर चर्चा में है जो इसकी छवि पर सवाल खड़े कर रही हैं। दुष्कर्म से लेकर नशे, अवैध गतिविधियों और आपराधिक घटनाओं तक सामने आ रहे मामलों ने स्थानीय लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर धर्मनगरी किस दिशा में बढ़ रही है।
विस्तार
योग और अध्यात्म की वैश्विक पहचान रखने वाली तीर्थनगरी ऋषिकेश की पवित्र छवि पर अनैतिक गतिविधियों का साया गहराता जा रहा है। गंगा की निर्मल धारा, मंदिरों की घंटियां, आध्यात्मिक वातावरण और शाम होते ही घाटों पर होने वाली भव्य व दिव्य गंगा आरती जहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शांति, आस्था और पवित्रता का अहसास कराती है, वहीं कुछ लोगों की अनैतिक गतिविधियां धर्मनगरी की इस विशिष्ट पहचान को मैला करने का काम कर रही हैं।
हाल ही में एक के बाद एक सामने आईं नाबालिगों से दुष्कर्म की दो घटनाओं ने स्थानीय निवासियों की चिंता और बढ़ा दी है। एक मामले में शादी समारोह में अपनी नाबालिग सहेली के साथ गई किशोरी के साथ तीन नाबालिग युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। वहीं, दूसरे मामले में शहर के बीच स्थित एक होटल में नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया, घटना में होटल संचालक और मैनेजर की भूमिका ने शहर में होटलों के काले कारनामों की पोल खोली।
छह माह पहले कैसीनो संचालन का मामला
करीब छह माह पूर्व शहर से लगे आईडीपीएल क्षेत्र में कैसीनो संचालन का मामला भी सामने आया था। कार्रवाई के दौरान नोएडा और दिल्ली की युवतियों के पकड़े जाने की बात सामने आई थी। इस घटना ने भी शहर में बाहर से आकर संचालित होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और उनके नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े किए थे।
नशे और अवैध हथियारों का बढ़ता खतरा
ऋषिकेश में नशे और अवैध हथियारों से जुड़े मामले भी चिंता का विषय बने हुए हैं। नशे की गिरफ्त में आए युवाओं की ओर से आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के मामले सामने आना परिवारों के लिए गंभीर चेतावनी है। बीते जुलाई में आमबाग क्षेत्र में शराब के नशे में एक युवक ने अपनी ही मां को अवैध तमंचे से गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इससे पहले फरवरी में शिवाजी नगर क्षेत्र में एक युवक ने अपनी तलाकशुदा प्रेमिका की अवैध तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना ने भी शहर को झकझोर दिया था। वहीं, श्यामपुर क्षेत्र में तीन युवकों ने ग्रामीणों पर अवैध तमंचे से फायर झोंक दिए थे। ग्रामीणों ने युवकों को गांव के समीप शराब पीने के लिए टोका था। बाद में पुलिस जांच में आरोपी युवक शातिर अपराधी निकले जिन पर बैंक लूट और हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज थी।
सवाल सिर्फ अपराध का नहीं, भविष्य का है
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं हैं बल्कि शहर के सामाजिक वातावरण के लिए भी गंभीर चेतावनी हैं। नशा, अवैध हथियार, महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध तथा संदिग्ध गतिविधियों का सामने आना इस बात की ओर इशारा करता है कि अपराध के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। धर्मनगरी की पहचान उसकी गंगा, घाटों, मंदिरों और आध्यात्मिक वातावरण से है। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल जायज है कि क्या अपराधी तत्व इस पहचान का फायदा उठाकर शहर में अपने पैर पसार रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन के सामने अब चुनौती केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करने की नहीं बल्कि अपराध की जड़ तक पहुंचकर उसके नेटवर्क को तोड़ने की है। संदिग्ध होटलों, किराये के ठिकानों, नशे के कारोबार, अवैध हथियारों और बाहरी तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी के साथ-साथ युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए ठोस अभियान की जरूरत है।
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- होटल, होम स्टे आदि का सत्यापन के लिए अभियान शुरु कर दिया गया है। कानून व्यवस्था चाकचौबंद बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। -जया बलूनी, एसपी देहात। संवाद