उत्तराखंड खबर: डीजल और पुर्जों का करोड़ों का उधार, वेतन का इंतजार, 150 करोड़ की देनदारी में डूबा परिवहन निगम
घटती आमदनी के बीच परिवहन निगम का आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। डीजल से लेकर बसों के पुर्जों तक का भुगतान अटका है, वहीं कर्मचारी भी वेतन के लिए इंतजार कर रहे हैं।
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परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति खराब है। हालत यह है कि डीजल, स्पेयर पार्ट्स का करोड़ों का उधार हो चुका है। मई से अनुबंधित बस संचालकों को भुगतान नहीं हुआ है। परिवहन निगम कर्मी भी दो महीने से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। एक सिंतबर तक परिवहन निगम की सभी देनदारियां 150 करोड़ से अधिक की हो चुकी हैं।
परिवहन निगम की मानसून में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण आय कम हुई है। परिवहन निगम की डीजल की देनदारी आठ करोड़ तीस लाख हो चुकी है। सैकड़ों बसें प्रतिदिन संचालित होती हैं, इनमें टूट-फूट होती या कोई पुर्जा खराब होता है तो मरम्मत लिए स्पेयर पार्ट्स लिए जाते हैं।
अब स्पेयर पार्ट्स की भी साढ़े सात करोड़ की देनदारी है। परिवहन निगम अनुबंधित बसों का संचालन करा रहा है पर इनके संचालकों को भी मई-2026 से भुगतान नहीं किया गया है। अनुबंधित बस संचालकों को 22 करोड़ दिया जाना है। इसके अलावा सोसाइटी का अंशदान 25 करोड़ समेत अन्य देयकों का भुगतान किया जाना है।
वेतन से लेकर ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं
परिवहन निगम में कार्यरत कर्मचारियों से लेकर सेवानिवृत्त कर्मियों को वेतन और ग्रेच्युटी दी जानी है। रोडवेज के कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त का 26 करोड़ का वेतन दिया जाना है। इस वेतन का पांच हजार कर्मचारी इंतजार कर रहे हैं। बीते दिनों जून माह का वेतन ही जारी हो सका है। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रुेच्युटी का 18 करोड़ देना शेष है। कर्मचारियों के लीव इनकैशमेंट का नौ करोड़ देना बाकी है, इसके अलावा अन्य भुगतान भी लंबित हैं।
रोडवेज को अप्रैल से नहीं हुई प्रतिपूर्ति
परिवहन निगम बुजुर्ग समेत अन्य श्रेणियों में लोगों को निशुल्क यात्रा कराता है और उसकी प्रतिपूर्ति होती है। यह प्रतिपूर्ति की राशि अप्रैल से नहीं मिली है। करीब 18 करोड़ की प्रतिपूर्ति मिलना बाकी है। रोडवेज प्रबंधन के अनुसार अलावा दो कार्यक्रमों में परिवहन विभाग के अनुरोध पर बसों का उपलब्ध कराया गया था, इसका पौने तीन करोड़ का भुगतान भी होना बाकी है। अगर यह राशि मिल जाती है तो परिवहन निगम की आर्थिक दिक्कत दूर हो सकेंगी।
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त्योहारी सीजन आने पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे आय में सुधार हो सकेगा। इसी बीच रक्षाबंधन पर भी सुधार हुआ था। आय बढ़ने पर लंबित भुगतान किए जाएंगे। इसके अलावा प्रतिपूर्ति की राशि भी मिलनी है, जिसके मिलने से भी काफी राहत हो जाएगी। इसका बिल शासन को भेजा जा चुका है। - क्रांति सिंह, महाप्रबंधक, संचालन रोडवेज