Uttarakhand Cabinet: जमरानी बांध विस्थापित परिवारों के लिए 300 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को मंजूरी
जमरानी बांध परियोजना के तहत छह गांवों के करीब 1323 परिवारों का पुनर्वास किया जाना है। इसके लिए धामी सरकार पुनर्वास प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे चुकी है।
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हल्द्वानी के रानीबाग क्षेत्र में बनने वाली जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना के तहत विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए 300 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को धामी मंत्रीमंडल ने मंजूरी दी है। यह भूमि ऊधमसिंह नगर के पराग फार्म क्षेत्र में है, जहां विस्थापित परिवारों को बसाया जाएगा। राजस्व विभाग में दर्ज यह भूमि अब सिंचाई विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। बांध परियोजना की विस्थापन नीति को सरकार पहले ही कैबिनेट में पास कर चुकी है।
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जमरानी बांध परियोजना के तहत छह गांवों के करीब 1323 परिवारों का पुनर्वास किया जाना है। इसके लिए धामी सरकार पुनर्वास प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। इसके तहत श्रेणी-एक के प्रति विस्थापित परिवार को एक एकड़ भूमि दी जाएगी।
अब परियोजना का काम आगे बढ़ सकेगा। बांध निर्माण को लेकर अब तक करीब-करीब सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। वित्तीय स्वीकृति भी हो गई है। बजट जारी होते ही बांध निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, इसके बाद आने वाले समय में हल्द्वानी समेत आस-पास के इलाकों के लोगों को पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
जमरानी बांध परियोजना को पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) की ओर से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल किया गया है। परियोजना से न सिर्फ डेढ़ लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई युक्त पानी मिलेगा, बल्कि हल्द्वानी शहर की पेयजल आपूर्ति और 63 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन भी होगा।
सुनवाई की प्रक्रिया जारी, अंतिम प्रकाशन शीघ्र
जमरानी बांध परियोजना के तहत इन दिनों पुनर्वास एवं पुनर्विस्थापन के लिए आपत्तियां मांगी गईं थीं, जिसे अप्रैल माह में प्रकाशित किया गया था। इसके बाद एडीएम प्रशासन नैनीताल के स्तर पर आपत्तियाें का निस्तारण किया जा रहा है। सभी आपत्तियों पर सुनवाई के लिए अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद मुआवजा और जमीन बंटवारे आदि की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।