Uttarakhand Budget Session: पक्ष-विपक्ष में तनातनी, सदन में जमकर हुआ हंगामा, गूंजे नारे, हवा में कागज भी उछाले
Uttarakhand Assembly session 2024: उत्तराखंड विधानसभा सत्र का आज चौथा दिन था। चर्चा के दौरान जिन विपक्षी सदस्यों को बोलने का अवसर मिला, उन्होंने बजट की खामियां गिनाईं।
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विधानसभा में बजट पर चर्चा का मौका न दिए जाने से नाराज विपक्षी सदस्यों ने वेल में आकर जमकर हंगामा काटा। सदन में खूब नारे गूंजे और हवा में कागज भी उछाले गए। इस दौरान पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच जमकर तनातनी भी होती दिखी।
सत्ता पक्ष के विधायकों ने बजट की जमकर तारीफ की और इसे राज्य के विकास का बजट करार दिया। इससे पहले सदन में भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा, दुर्गेश्वर लाल, बृजभूषण गैरोला, सुरेश चौहान, बंशीधर भगत, सुरेश गडिया, सविता कपूर, सहदेव सिंह पुंडीर, त्रिलोक सिंह चीमा, पार्वती दास, शिव अरोड़ा, विनोद कंडारी ने बजट को जनहित और सर्वस्पर्शी करार दिया। उनका कहना था कि इस बार जो बजट पेश किया गया है, वह अब तक का सर्वाधिक है। इसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला शक्ति का पूरा ख्याल रखा गया है।
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वहीं, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने बजट पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकार गोशालाओं में एक गाय पर 80 रुपये प्रतिदिन खर्च कर रही है लेकिन मिड-डे-मील योजना में एक बच्चे पर महज 5.25 रुपये से 8.70 रुपये तक ही खर्च कर रही है। उन्होंने इस मद में बजट बढ़ाने की मांग की। उन्होंने ये भी कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से वैसे तो साढ़े तीन लाख करोड़ के एमओयू के दावे किए जा रहे हैं लेकिन सुविधाओं के अभाव में जो उद्योग यहां से पलायन कर रहे हैं, सरकार उनके बारे में नहीं सोच रही। कांग्रेस विधायक राजेंद्र भंडारी ने बजट में अपने क्षेत्र की सड़कों को लेकर प्रावधान करने की मांग करते हुए पंचायतों का कार्यकाल भी दो साल बढ़ाने की मांग रखी।
बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने सिंचाई, लोक निर्माण विभाग में अधिकारियों को लंबे समय हरिद्वार जिले में जमे होने का मुद्दा उठाते हुए बजट में हरिद्वार जिले के लिए खास प्रावधान की मांग रखी। कांग्रेस विधायक मोहम्मद फुरकान ने कहा कि सरकार ने सैनिकों के सम्मान की बात की लेकिन बजट में कोई नई योजना नहीं लाई। सड़कों के लिए भी कोई प्रावधान नहीं। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल राजनैतिक लाभ के लिए है। कांग्रेस विधायक गोपाल सिंह राणा ने विकास विरोधी बजट करार दिया। शाम को कानून-व्यवस्था पर वाकआउट के बाद लौटे विपक्ष ने बजट पर बोलने की मांग रखी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया। विधायक ममता राकेश ने कहा कि जानबूझकर उन्हें बजट पर चर्चा में शामिल नहीं होने दिया गया। इस पर उन्होंने सदन में हंगामा, शोर शराब किया। इसी दौरान बजट ध्वनिमत से पास हो गया।
गैरसैंण के लिए 100 करोड़ बजट मांगा, दून में स्थायी राजधानी की मांग
भाजपा विधायक अनिल नौटियाल ने बजट को सर्वस्पर्शी बताते हुए मांग की कि 20 करोड़ के बजाए गैरसैंण के लिए 100 करोड़ के बजट का प्रावधान किया जाए। ताकि उसी हिसाब से गैरसैंण में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास किया जा सके। उधर, कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने देहरादून में स्थायी राजधानी के लिए बजट में विशेष प्रावधान की मांग सदन के समक्ष रखी।