उत्तराखंड: CS के निर्देश, कोचिंग सेंटर व अन्य भवनों के बेसमेंट में मानवीय गतिविधियां मिलीं तो होगी कार्रवाई
सभी जिलाधिारियों को पुलिस, लोनिवि, सिंचाई, विद्युत विभाग, राजस्व, शिक्षा, चिकित्सा, नगर निकायों, अग्निशमन अधिकारियों के साथ बैठक करनी होगी।
विस्तार
आवास मंत्री के आदेश के साथ ही मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भी सभी जिलाधिकारियों को कोचिंग सेंटरों व अन्य भवनों की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सभी जिलों में जांच समिति गठित की जाएंगी, जो चार बिंदुओं पर कोचिंग सेंटर की जांच करेंगी। कहीं, बेसमेंट में मानवीय गतिविधियां मिलीं तो सख्त कार्रवाई होगी।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 22 के तहत जारी आदेश के मुताबिक, सभी जिलाधिारियों को पुलिस, लोनिवि, सिंचाई, विद्युत विभाग, राजस्व, शिक्षा, चिकित्सा, नगर निकायों, अग्निशमन अधिकारियों के साथ बैठक करनी होगी।
बैठक में एक समिति का गठन किया जाएगा, जो कोचिंग सेंटर व अन्य भवनों की जांच करेगी। यह देखा जाएगा कि किसी कोचिंग सेंटर या अन्य भवन के बेसमेंट में मानवीय गतिविधियां तो संचालित नहीं हो रहीं। जांच समिति भवन उप नियमों के मानकों को देखेगी। ये चेक करेगी कि भवन मालिक के पास सभी अनुमोदन व प्रमाण पत्र उपलब्ध हैं या नहीं।
Uttarakhand: प्रदेश के कोचिंग सेंटर को लेकर चलेगा अभियान, दिल्ली में हुई घटना के बाद दिशा-निर्देश जारी
सभी भवनों में अग्नि सुरक्षा की जांच करेगी। आग लगने पर निकास के लिए रास्तों को भी चेक करेगी। भवनों में विद्युत सुरक्षा की जांच की जाएगी। ये भी देखा जाएगा कि उस इमारत में इलेक्टिट्रक सेफ्टी विभाग से प्रमाणपत्र मिला है या नहीं।
इसके अलावा कोचिंग सेंटर के ऐसे भवन, जिनके बेसमेंट में मानवीय गतिविधियां संचालित हो रही होंगी, उनका दस्तावेजीकरण किया जाएगा। मानकों का अनुपालन न पाए जाने पर जांच रिपोर्ट में इसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा। ऐसे कोचिंग सेंटर व अन्य भवन स्वामियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।