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उत्तराखंड: UKSSSC पेपर लीक के आरोपी RMS कंपनी के निदेशक को राहत, हाईकोर्ट से मिली शॉर्ट टर्म जमानत
Thu, 02 Feb 2023 09:23 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 02 Feb 2023 09:23 PM IST
सार
आरएमएस कंपनी के निदेशक राजेश कुमार चौहान को शार्ट टर्म जमानत मानवता के आधार पर पत्नी के उपचार के लिए दी गई है। सुनवाई वेकेशन जज न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ में हुई। एसटीएफ ने उन्हें 27 अगस्त 2022 को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया था।
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने यूकेएसएसएससी पेपर लीक करने के आरोपी और लखनऊ की आरएमएस कंपनी के निदेशक राजेश कुमार चौहान के अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र उन्हें सात दिन की शॉर्ट टर्म जमानत दी।
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उन्हें शार्ट टर्म जमानत मानवता के आधार पर पत्नी के उपचार के लिए दी गई है। सुनवाई वेकेशन जज न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ में हुई। एसटीएफ ने उन्हें 27 अगस्त 2022 को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया था।
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राजेश पर आरोप है कि उन्होंने यूकेएसएसएससी जिसमें सचिवालय और वीडीओ भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करवाया था। हाईकोर्ट में राजेश चौहान के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता नारायण हर गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि राजेश चौहान एफआईआर में नामजद अभियुक्त नहीं थे।
यदि आरएमएस कंपनी के कर्मचारियों ने कोई गलती की है तो उसके लिए कंपनी के डायरेक्टर राजेश चौहान को प्रतिनियुक्त रूप से उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है। लेकिन एसटीएफ उत्तराखंड ने 161 के बयानों के आधार पर उन्हें आरोपी बनाया है।
उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 409, 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया। 27 अक्तूबर से आरोपी जेल में है। बता दें कि निचली अदालत ने उनका जमानत प्रार्थना पत्र दिसंबर में ही निरस्त कर दी थी।