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Dehradun News: हिमालय की संवेदनशीलता समझना समय की मांग

Tue, 20 Jan 2026 01:31 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jan 2026 01:31 AM IST
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Understanding the sensitivity of the Himalayas is the need of the hour
ग्राफिक एरा में डीम्ड यूनिवर्सिटी विशेषज्ञों ने पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित और संतुलित विकास के उपाय बताए। सोमवार को विवि में पहाड़ी क्षेत्र में भारतीय मानकों के अनुरूप इंजीनियरिंग विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया।
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विवि के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा, पर्वतीय क्षेत्र में अस्थिर पर्यावरण, बदलते जलवायु हालात और सीमित पहुंच जैसी चुनौतियां प्रमुख हैं। शैक्षणिक संस्थान होने के नाते, हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन चुनौतियों के समाधान खोजें और युवाओं को सुरक्षित और संतुलित पर्वतीय विकास की दिशा में शिक्षित करें। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड के निदेशक सौरभ तिवारी ने कहा, पर्वतीय क्षेत्र का विकास मैदानी क्षेत्र जितना ही महत्वपूर्ण है। हाल की प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को समझना समय की आवश्यकता बन गया है।
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निर्माण कार्यों में मानकों का पालन इन चुनौतियों से निपटने में सहायक हो सकता है। विशेषज्ञ डॉ. अनबलगन रथिनम ने कहा, हिमालयी क्षेत्र भूगर्भीय अस्थिरताओं, अधिक वर्षा, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। कहा, निर्माण कार्य तेजी से बढ़ रहे हैं लेकिन यदि ये कार्य भूमि की वास्तविक स्थिति को समझे बिना किए जाएं, तो इससे पहाड़ी अस्थिरता बढ़ती है और भूस्खलन जैसी गंभीर समस्याएं और गंभीर रूप लेती हैं। इस मौके पर नाक्कला प्रवीण साईं, मिनिमोल कोरुल्ला, डॉ. बृजेश प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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