UKSSSC: पेपर लीक मामले में STF ने प्रेस कांफ्रेंस में किए खुलासे, अगले 24 घंटे में होंगी पांच और गिरफ्तारियां
आरएमएस कंपनी लखनऊ के मालिक राजेश चौहान की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने प्रेस कांफ्रेस की। जिसमें एसटीएफ ने कई खुलासे किए। बताया कि कंपनी के मालिक राजेश को दो करोड़ रुपए दिए गए थे। कुछ उसके रिश्तेदारों को दिए गए थे।
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UKSSSC पेपर लीक मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। आरएमएस कंपनी लखनऊ के मालिक राजेश चौहान को एसटीएफ उत्तराखंड ने पेपर लीक करने और केंद्रपाल व अन्य के माध्यम से सौदा करने के साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सचिवालय रक्षक भर्ती में हुई धांधली में भी पहली गिरफ्तारी हुई।
शनिवार सुबह आरएमएस कंपनी लखनऊ के मालिक राजेश चौहान की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने प्रेस कांफ्रेस की। जिसमें एसटीएफ ने कई खुलासे किए। बताया कि कंपनी के मालिक राजेश को दो करोड़ रुपए दिए गए थे। कुछ उसके रिश्तेदारों को दिए गए थे।
बताया कि देर रात मामले में केंद्रपाल की गिरफ्तारी से सारी पोल खुली। सचिवालय रक्षक भर्ती का पेपर आयोग की प्रिंटिंग प्रेस के कंप्यूटर से चुराया था। आयोग के कर्मचारियों और अधिकारियों की भी जांच हो रही है। एसटीएफ एसएसपी ने सचिव और अध्यक्ष की जांच के बारे में कहा कि अभी किसी को क्लीन चिट नहींं है। एसटीएफ की ओर से बताया गया कि 24 घंटे के अंदर चार से पांच लोगों की होगी गिरफ्तारी।
हाकम ने उगले कई राज, और लोग होंगे गिरफ्तार
स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसटीएफ हाकम सिंह रावत को धामपुर भी ले गई। वहां उससे कई घंटे पूछताछ की गई। अब उसके धामपुर निवासी साथी केंद्रपाल पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि उससे भी पूछताछ की गई। हालांकि, एसटीएफ ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
एसटीएफ ने हाकम सिंह रावत की तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) हासिल की थी। पहले उससे एसटीएफ कार्यालय में पूछताछ की गई। बुधवार को सांकरी स्थित उसके गेस्ट हाउस ले जाया गया। यहां कई दस्तावेज और साक्ष्यों को इकट्ठा किया गया। बृहस्पतिवार को एसटीएफ उसे धामपुर, बिजनौर ले गई थी। यहां उसके कई साथी भी रहते हैं। उसने नकल का सेंटर भी धामपुर में एक मकान को बनाया था। एसटीएफ उसे पूछताछ के लिए इस मकान में भी लेकर गई थी।
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उत्तरकाशी के दो और लोग भी हैं शामिल
उत्तरकाशी जिले में सबसे अधिक नकल करने के मामले सामने आए हैं। अकेले मोरी क्षेत्र में ही 80 अभ्यर्थी पास हुए हैं। इनमें से ज्यादातर ने हाकम सिंह और अन्य लोगों के माध्यम से हल किया गया पेपर हासिल किया था। उन्हें यह पेपर विभिन्न सेंटरों पर हल कराया गया। इस काम में हाकम ही नहीं बल्कि उसके समानांतर सत्ता चलाने वाले दो और लोग शामिल हैं। एसटीएफ जल्द ही इन्हें भी हिरासत में ले सकता है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ और संदिग्धों से एसटीएफ ने पूछताछ की है।