भाई की हत्या से बदले की आग में जल रहे युवक ने कराई थी ग्राम प्रधान पर फायरिंग, दो गिरफ्तार
- दो शूटरों समेत तीन गिरफ्तार, पुलिस ने कोर्ट में पेश कर भेजा जेल
- भाई की हत्या का बदला लेने को आबिद ने दस लाख में दी थी सुपारी
- आबिद समेत अन्य आरोपी अभी फरार, तलाश में पुलिस दे रही दबिश
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रुड़की में भाई की हत्या के बाद बदले की आग में जल रहे आबिद ने ग्राम प्रधान कमरे आलम की हत्या कराई थी। पुलिस ने दो शूटरों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बहुचर्चित हत्याकांड से परदा उठा दिया है। दोनों शूटरों को नामजद आरोपी आबिद ने दस लाख की सुपारी दी थी। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
झबरेड़ा के नगला कूबड़ा के प्रधान कमरे आलम की 20 दिसंबर को रामनगर कोर्ट के गेट पर बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मामले में गांव के जमशेद, रुड़की ब्लॉक प्रमुख के पति नदीम, कमेलपुर निवासी आबिद, उस्मान, आकिल के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि आबिद ने ही प्रधान की हत्या कराई है। खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमें लगी थीं।
बुधवार को एसपी देहात एसके सिंह ने गंगनहर कोतवाली में हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस आबिद के भाई फारुक की प्रधान की ओर से हत्या करने से जोड़कर मामले की जांच कर रही थी। प्रधान की हत्या के दस मिनट बाद ही आबिद ने कोतवाली में फोन कर बताया था कि वह अपने छोटे भाई आशिक के साले सारिब उस्मान के पास हिमाचल के धर्मशाला आया है। उसे पता चला है कि किसी ने ग्राम प्रधान की हत्या कर दी है। लिहाजा इसमें कोई मुझे फंसा न दे, इसलिए वह पुलिस को यह जानकारी दे रहा है।
इसके बाद आबिद ने 100 नंबर पर कॉल कर भी खुद के हिमाचल में होने की सूचना दी। इतना ही नहीं वहां अपनी वीडियो रिकार्डिंग करवाई थी। शक होने पर पुलिस हिमाचल पहुंची तो वह फरार हो चुका था। पुलिस की पूछताछ में सारिब ने बताया कि आबिद ने अपने जीजा मुनीर और उसके बड़े भाई के साथ षड्यंत्र कर हत्या करवाई है।
जांच में पुलिस को पता चला कि प्रधान की हत्या वसीम निवासी किदवई नगर, थाना खलापार, मुजफ्फरनगर ने अपने भाई नईम और सलमान के साथ की थी। शूटरों का पता लगने पर पुलिस मंगलवार को मुजफ्फरनगर पहुंची तो वसीम के घर पता चला कि वह दोनों भाइयों के साथ फरार है और ऊन रोड, नई बस्ती थाना भवन, शामली में परिवार के साथ रह रहा है। पुलिस ने शामली में दबिश देकर नईम को गिरफ्तार कर लिया, जबकि वसीम फरार हो गया। यहां वसीम के परिवार वालों ने गिरफ्तारी का विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने हत्या व षड्यंत्र में शामिल दिलशाद और सलमान को भी गिरफ्तार कर लिया है।
ऐसे बुना गया हत्या का ताना बुना
एसपी देहात के अनुसार, नईम ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2012 में ग्राम प्रधान कमरे आलम के भाई मुजम्मिल की हत्या में आबिद जेल गया था। जेल में आबिद की वसीम से मुलाकात हुई थी। कुछ दिनों बाद वसीम जेल से छूट गया। एक लूट के मामले में वह फिर जेल गया। यहां वसीम की मुलाकात मुनीर निवासी देवबंद से हुई थी। 2019 में आबिद जमानत पर बाहर आ गया था। वसीम और मुनीर भी जमानत पर बाहर आ गए। इसके बाद आबिद ने ग्राम प्रधान की हत्या के लिए वसीम और मुनीर को दस लाख की सुपारी दी थी। वसीम ने अपने भाई नईम और सलमान को भी हत्या की योजना बताई।
12 दिसंबर को वसीम और नईम बाइक से रामपुर चुंगी आए और आबिद के जीजा मुनीर और दिल्ली निवासी फरहान से मिले। मुनीर ने बताया कि आबिद के भाई आशिक ने फरहान को दिल्ली से भेजा है। वह प्रधान को जानता है और उन्हें उसकी शक्ल दिखाएगा। साथ ही दिलशाद निवासी मदीना कॉलोनी, मुजफ्फरनगर हाल रामपुर चुंगी को भी वसीम से मिलवाया। उसने वसीम को प्रधान की शक्ल दिखाई और सभी वापस लौट गए। यहां फरहान ने वसीम को एक लाख रुपये एडवांस भी दिए।
20 दिसंबर का दिन हुआ तय
एसपी देहात ने बताया कि ग्राम प्रधान की हत्या के लिए 20 दिसंबर का दिन तय किया गया था। उस दिन वसीम, दिलशाद और नईम ने ग्राम प्रधान की रेकी की। इसके बाद तीनों रामनगर कोर्ट के बाहर प्रधान का इंतजार करने लगे। कोर्ट से बाहर आने पर नईम ने 32 बोर के पिस्टल से ग्राम प्रधान को गोली मार दी और दिलशाद के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गया। इसके बाद वसीम, नईम और दिलशाद रामपुर चुंगी स्थित कमरे पर पहुंचे। यहां बाइक खड़ी करने के बाद वसीम और नईम शामली गए। इसके बाद वसीम अपनी पत्नी शाम, नईम और सलमान के साथ टैक्सी कर आबिद के भाई आशिक से नौ लाख रुपये लेने पानीपत पहुंचे। यहां आशिक, मुनीर और फरहान ने उसे नौ लाख रुपये दे दिए।
नईम की निशानदेही पर पिस्टल बरामद
एसपी देहात ने बताया कि नईम की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त 32 बोर का पिस्टल, दो कारतूस और बाइक बरामद की है। वसीम पर मुजफ्फरनगर में हत्या लूट और डकैती के करीब 30 केस दर्ज हैं। वसीम और नईम पेशेवर शूटर भी हैं। लूट के मामले में वसीम वेस्ट यूपी पुलिस से मुठभेड़ में घायल भी हो गया था।