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Dehradun News: शक्तिनहर पर बने पुल जर्जर, नहीं रुक रहा भारी वाहनों का संचालन

Tue, 08 Oct 2024 01:28 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 08 Oct 2024 01:28 AM IST
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The bridge on Shakti Canal is dilapidated, the movement of heavy vehicles is not stopping
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II- छह पुलों को मरम्मत की जरूरत, केवल गुजर सकते हैं हल्के वाहन
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I- दूसरे चरण में पांच पुलों का ऑडिट जारी
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Iकेंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट में शक्तिनहर के छह पुल जर्जर पाए गए हैं। अन्य पुलों के सुरक्षा ऑडिट का कार्य चल रहा है। हालांकि, अन्य पुलों की स्थिति इन छह पुलों से भी खराब है। सीएसआईआर ने अपनी रिपोर्ट में पुलों से भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित करने की सलाह दी है। लेकिन, इन पुलों पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं लग पा रही है।
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Iसीएसआईआर की रिपोर्ट में खराब बताए गए पुलों से आसपास के गांवों की एक बड़ी आबादी आवागमन करती है। पुलों के ढहने से बड़ा हादसा हो सकता है। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड भी भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा है। बता दें कि 60 के दशक में डाकपत्थर से कुल्हाल तक 18 किलोमीटर लंबी शक्तिनहर पर 15 मोटर और पैदल पुलों का निर्माण किया गया था।
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Iपुलों में मिलीं ये खामियां
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Iइन पुलों की मौजूदा स्थिति का पता लगाने के लिए यूजेवीएनएल उनका सुरक्षा ऑडिट करवा रही है। तीन चरणों में पुलों का सुरक्षा ऑडिट होना है। सीएसआईआर ने पहले चरण में डाकपत्थर हेड रेगुलेटर पुल, भीमावाला मोटर पुल, कोर्ट पुल, स्क्यू पुल, आसल पुल और आसन रेगुलेटर पुल का सुरक्षा ऑडिट कर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक पुलों में दरारें, बेयरिंग का जर्जर होना और रोलर बेयरिंग का अपनी जगह छोड़ना आदि की खामियां सामने आई है।
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Iमरम्मत होने के बाद क्षमता आकलन
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Iरिपोर्ट के मुताबिक पुलों की मरम्मत कार्य के बाद ही उनकी भार वहन क्षमता का आकलन हो पाएगा। सीएसआईआर ने मरम्मत कार्य और भार वहन क्षमता के आकलन से पहले पुल पर भारी वाहनों का अवागमन प्रतिबंधित कर केवल हल्के वाहनों के संचालन की सलाह दी है।
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Iवैकल्पिक व्यवस्था के लिए एसडीएम को पत्र
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Iवहीं दूसरे चरण में आईईआई सिविल इंजीनियरिंग प्रयोगशाला, देहरादून डाकपत्थर महाविद्यालय के पास स्थित झूलापुल सहित पांच पुलों का सुरक्षा ऑडिट कर रही है। तीसरे चरण में तीन मोटर और पैदल पुलों का ऑडिट होना है। हालांकि, आठ पुलों की स्थिति इन छह पुलों से भी खराब है। यूजेवीएनएल के अधिशासी अभियंता गिरीश जोशी ने पुलों के क्षतिग्रस्त होने से शक्तिनहर को नुकसान और आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका व्यक्त करते हुए पुलों से भारी वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित कर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए एसडीएम को पत्र लिखा गया है।
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Iग्रामीण क्षेत्रों में सड़क भी हो रही क्षतिग्रस्त
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Iभारी वाहनों की सुबह से रात तक आवाजाही के चलते शक्तिनहर पटरी पर भी जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। खासकर पुलों के आसपास बड़े-बड़े गड्ढे बनने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ढकरानी, भीमावाला और नवाबगढ़ क्षेत्र में गांवों के संपर्क मार्ग पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गए हैं। बरसात में गड्ढों में पानी भरने के चलते सड़क पर चलना तक मुश्किल हो जाता है।

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Iयूजेवीएनएल अपने स्तर पर पुलों के पास सूचना बोर्ड लगाकर भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा सकता है। व्यवस्था बनाने के लिए प्रशासन की ओर से सहयोग किया जाएगा। अगर व्यवस्था को लागू करने में बाधा आ रही है जिलाधिकारी और एसएसपी को पत्र लिख सुरक्षा मुहैया करवाकर व्यवस्था बनाई जाएगी। - विनोद कुमार, एसडीएम, विकासनगरI
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