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Dehradun: राजधानी में दम तोड़ रहे अंग्रेजी शासनकाल के इंतजाम, वाटर हाइड्रेंट खत्म, नए फाइलों में डंप

Wed, 08 Nov 2023 02:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Wed, 08 Nov 2023 02:40 PM IST
सार

अग्निकांड होने पर एकाएक दमकल वाहनों को पानी भरने की जरूरत होती है। इसके लिए अंग्रेजी शासनकाल में शहर के राजपुर रोड, सहारनपुर रोड, चकराता रोड आदि जगहों पर वाटर हाइडेंट लगाए गए थे। धीरे-धीरे पुरानी सड़कों पर नई सड़कें बनती गईं और ये वाटर हाइडेंट भी इनके नीचे दब गए। अब हालात ये हैं कि कोई भी वाटर हाइडेंट शहर के किसी हिस्से में जीवित नहीं बचा है।

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Arrangements of British rule dying in Dehradun water hydrants finished dumped in new files
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आपातकाल में अग्निशमन की गाड़ियों में पानी भरने के अंग्रेजी शासनकाल के इंतजामों ने दम तोड़ दिया है। करीब एक सदी पहले देहरादून शहर में लगाए गए सभी 62 वाटर हाईडेंट अब सड़कों में दब चुके हैं। इनके न होने से अब फायर ब्रिगेड को वैकल्पिक व्यवस्था से काम करना पड़ता है।

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नए वाटर हाईडेंट की मांग भी लंबे समय से पेंडिंग पड़ी हुई है। ऐसे में हर साल अग्निशमन के वाहनों को बेवजह इधर-उधर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। दरसअल, अग्निकांड होने पर एकाएक दमकल वाहनों को पानी भरने की जरूरत होती है। इसके लिए अंग्रेजी शासनकाल में शहर के राजपुर रोड, सहारनपुर रोड, चकराता रोड आदि जगहों पर वाटर हाइडेंट लगाए गए थे।
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यह एक तरह का वॉल्व होता है जो पेयजल लाइन से जुड़ा होता है। इसके किनारे दमकल वाहनों को खड़ा कर चंद मिनट में हजारों लीटर पानी भर लिया जाता है। लेकिन, धीरे-धीरे पुरानी सड़कों पर नई सड़कें बनती गईं और ये वाटर हाइडेंट भी इनके नीचे दब गए। अब हालात ये हैं कि कोई भी वाटर हाइडेंट शहर के किसी हिस्से में जीवित नहीं बचा है।
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शहर के दमकल विभाग की मदद को अन्य संस्थानों की फायर ब्रिगेड भी मदद करने आती है। हालांकि, इसकी वैकल्पिक व्यवस्था दमकल विभाग जल संस्थान के ओवरहेड टैंक से करता है।ओवरहेड टैंक पर पंप लगाकर आग बुझाने वाली गाड़ियों में पानी भरा जाता है। इसके अलावा अन्य पानी के स्रोत से भी पंपिंग मशीन के सहारे पानी भरा जाता है। अब दमकल विभाग ने कई होटल, मॉल और रिहायशी कांप्लेक्स के साथ भी करार किया है। एफएसओ सुरेश रवि ने बताया कि दीवाली को लेकर भी इन्हीं होटल और मॉल आदि के साथ-साथ जल संस्थान के साथ पत्राचार किया गया है।

92 वाटर हाइडेंट की जरूरत
वर्तमान में शहर का विस्तार बहुत दूर तक हो गया है। एक तरह से एक सदी पुरानी जो व्यवस्था थी, उससे कहीं अधिक वाटर हाइडेंट की जरूरत है। इसके लिए अग्निशमन विभाग ने कुल 92 वाटर हाइडेंट लगाने की मांग की है। मगर, वर्षों इस मांग पर अब तक काम नहीं हुआ है। यदि ये वाटर हाइडेंट शहर में बन जाते हैं तो दमकल को अपने वाहनों का बेड़ा भी बढ़ाने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए बैकअप के लिए वाटर बाउजर की भी कम आवश्यकता होगी।

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23 ओवरहेड टैंक से पानी लेंगे
दमकल विभाग जल संस्थान के ओवर हेड टैंक से पानी की व्यवस्था करता है। सामान्य दिनों में करीब 15 ओवर हेड टैंक पर पानी भरने की व्यवस्था की जाती है। मगर, दिवाली को लेकर अब शहर के विभिन्न हिस्सों में 23 ओवरहेड टैंक से पानी लिया जाएगा। इसके अलावा राजपुर रोड, सहारनपुर रोड, चकराता रोड पर अधिक पानी की क्षमता वाले भवनों से भी पानी लिया जाएगा। इसके लिए सभी को पहले से ही सूचित करा दिया गया है।

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