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उत्तराखंड कैबिनेट बैठक के बाद बांध प्रभावितों के हिस्से में आई मायूसी
गंगादत्त थपलियाल, अमर उजाला, नई टिहरी
Updated Thu, 17 May 2018 01:26 PM IST
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cabinet meeting
- फोटो : amar ujala
राज्य कैबिनेट बैठक में बांध प्रभावितों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं होने से प्रभावित मायूस हैं।
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बुधवार को टिहरी के इतिहास में पहली बार कैबिनेट बैठक के लिए राज्य सरकार टिहरी झील में पहुंची। ऐसे में लंबे समय से समस्याओं का दंश झेल रहे बांध प्रभावितों ने आंखों में सपने बुने थे कि इस बार सरकार उनके लिए कुछ सौगातें लेकर आई होगी, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
सरकार के टिहरी पहुंचने पर जनपद वासियों को बांध प्रभावित 415 परिवारों के पुनर्वास, दैवी आपदा से प्रभावित गांवों के पुनर्वास, नरेंद्रनगर से जिला स्तरीय कार्यालयों को नई टिहरी शिफ्ट करने, थौलधार ब्लॉक के अवशेष क्षेत्र को ओबीसी घोषित करने, भिलंगना ब्लॉक का पुनर्गठन, हनुमंतराव कमेटी की सिफारिशों के तहत बांध प्रभावितों को नि:शुल्क पेयजल और रियायती दरों पर बिजली की घोषणा होने की उम्मीद थी, लेकिन उनकी यह उम्मीदें धरी रह गईं।
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आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा का कहना है कि कैबिनेट बैठक में बांध प्रभावित परिवारों के पुनर्वास जैसे गंभीर विषय पर चर्चा तक नहीं होने से उन्हें गहरा धक्का लगा है। उन्होंने बांध की खातिर अपने पुरखों की भूमि और संपत्ति को झील में डुबा दिया और आज उसी धरती पर पहुंचकर सरकार ने बांध प्रभावितों के दुख:दर्द को समझने की जरूरत महसूस नहीं की।
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टिहरी बांध प्रभावितों की समस्या सरकार के संज्ञान में है। पुनर्वास के लिए भूमि तलाशी जा रही है। मंत्रिमंडल की बैठक टिहरी में होने का मतलब ये नहीं कि सिर्फ टिहरी की समस्याओं का समाधान खोजा जाए, बल्कि पूरे प्रदेश की समस्याओं को लेकर ऐसी बैठक की जाती है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री