बेमौसम फैल रहा स्वाइन फ्लू, एक और मामला आया सामने
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दून में स्वाइन फ्लू का एक ओर मामला सामने आया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक अमूमन मार्च से अगस्त के बीच स्वाइन फ्लू के मामले सामने नहीं आते हैं, लेकिन इस बार यह सिलसिला थमा नहीं है। श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में अप्रैल से अब तक तीन मामले सामने आ चुके हैं।
श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के अपर चिकित्सा अधीक्षक डा.वीके बिहारी ने बताया कि दो अप्रैल को सहारनपुर निवासी मरीज का टेस्ट पाजिटिव आया था। इसके बाद 22 मई और 6 जुलाई को देहरादून निवासी मरीजों के सैंपल जांच में पाजिटिव पाए गए।
उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू 30 डिग्री से नीचे के तापमान में ही फैलता है। इस मौसम में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आना चौंकाना वाला है। अस्पताल प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू रोगियों के लिए एक जनरल वार्ड और एक आईसीयू बेड आरक्षित किया है।
भ्रांति या डर फैलाने की आवश्यकता नहीं
मेडिसिन विभाग के प्रमुख डा. अमित वर्मा ने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर भ्रांति या डर फैलाने की आवश्यकता नहीं है। लोगों को जागरूक होकर स्वाइन फ्लू के लक्षणों को समझना चाहिए।
आवश्यकता महसूस होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। स्वाइन फ्लू लैब के डॉ नरोत्तम शर्मा ने बताया कि श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के अंतर्गत संचालित मौलीक्यूलर लैब में स्वाइन फ्लू सैंपल परीक्षण लैब संचालित है।
यह डीएनए/आरएनए स्तर की जांच करने वाला राज्य का एकमात्र सर्टिफाइड सेंटर है। यहां से मरीजों को छह से आठ घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट दे दी जाती है।
श्री महंत इंदिरेश अस्पताल प्रबंधन ने मेडिसिन विभाग के डा. योगेश ढांढ को स्वाइन फ्लू नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। संदिग्ध मामलों की देखरेख एवं उपचार के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा विशेष गाइड लाइन जारी की गई है।
-डा. योगेश को बनाया नोडल अधिकारी