तैराकी कोच द्वारा छेड़छाड़ का मामला: छात्रा का पंजीकरण संख्या नहीं दे रहा स्कूल
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मसूरी रोड स्थित स्कूल में छेड़छाड़ की शिकार पीड़ित छात्रा का प्रबंधन पंजीकरण संख्या उपलब्ध नहीं करा रहा है। ऐसे में उन्हें दूसरे स्कूल में दाखिला दिलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मसले को लेकर परिजनों ने एसएसपी को शिकायत की है, जिस पर उन्होंने सीबीएसई के अधिकारियों के साथ मिलकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। ताकि, इसमें यदि स्कूल की कोई साजिश है तो उसका पता लगाया जा सके।
गौरतलब है कि जिस छात्रा ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है उसने गत 12 नवंबर को ही स्कूल में प्रवेश लिया था। इसके बाद उसने 13 दिसंबर को तैराकी कोच सुरेंद्र कुमार पर आरोप लगाया कि वह उससे छेड़छाड़ करता था। अनावश्यक रूप से उसे छूता था। इस आधार पर राजपुर थाने में सुरेंद्र के खिलाफ पोक्सो और छेड़छाड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया और 15 दिसंबर को उसे जेल भेज दिया गया। इस बीच छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया था कि स्कूल के चेयरमैन उस 25 लाख रुपये का लालच देकर मामला दबाने को कह रहे हैं। इस पर एसएसपी ने चेयरमैन को छात्रा के परिवार वालों से न मिलने की हिदायत दी थी।
स्कूल छात्रा पर वहीं पढ़ने का दबाव बना रहा है
अब परिजनों ने एसएसपी को नई शिकायत की है। परिजनों का कहना है कि वे अपनी बेटी का दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाना चाहते हैं। ऐसे में उन्हें पंजीकरण संख्या की आवश्यकता है। अब चूंकि बात इतनी बढ़ गई है और छात्रा वहां नहीं पढ़ना चाहती है तब भी स्कूल उस पर वहीं पढ़ने का दबाव बना रहा है।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि स्कूल ने पंजीकरण संख्या क्यों उपलब्ध नहीं कराई है इस बात की भी जांच की जा रही है। इसके लिए उन्होंने सीबीएसई के कुछ अधिकारियों से बात की है। साथ ही कुछ अधिकारियों को साथ लेकर इसकी जांच की जा रही है। जल्द ही इसमें भी कोई न कोई निर्णय होगा। हालांकि, इस बारे में चेयरमैन प्रेम कश्यप का कहना है कि परिजनों ने छात्रा का पूर्व के स्कूल से जारी स्थानांतरण प्रमाणपत्र नहीं दिया है। यही कारण है उसका पंजीकरण संख्या नहीं बन पाई ह्रै।
आठ दिसंबर को छोड़ दिया था स्कूल
आरोपी तैराकी कोच ने गत आठ दिसंबर को स्कूल से पारिवारिक कारण बताते हुए इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में स्कूल के चेयरमैन प्रेम कश्यप का कहना है कि उनके स्कूल को बेवजह ही बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने भी पुलिस के समक्ष अपनी बातों को रखने की अनुमति मांगी है।