फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   SOP will be made for the operation of government medical colleges Uttarakhand News in hindi

Uttarakhand: राजकीय मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए बनेगी एसओपी, नए साल से लागू कर दी जाएगी व्यवस्था

Thu, 05 Dec 2024 09:05 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 05 Dec 2024 09:05 AM IST
सार

राजकीय मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि एसओपी में डॉक्टरों से लेकर कर्मचारियों के कार्य दायित्वों के निर्वहन की स्पष्ट रूपरेखा तैयार की जाएगी।

विज्ञापन
SOP will be made for the operation of government medical colleges Uttarakhand News in hindi
स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजकीय मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाई जाएगी। इसमें प्राचार्य से लेकर जूनियर डॉक्टरों तक के कार्यदायित्व तय किए जाएंगे। डॉक्टरों व कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति लगानी होगी।

विज्ञापन


भर्ती मरीजों को प्रतिदिन दिए जाने वाले भोजन संबंधी मेन्यू वार्ड के बाहर चस्पा करना होगा। यह व्यवस्था नए साल से लागू कर दी जाएगी। बुधवार को यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


रूपरेखा की जाएगी तैयार
उन्होंने कहा कि एसओपी में डॉक्टरों से लेकर कर्मचारियों के कार्य दायित्वों के निर्वहन की स्पष्ट रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसका पालन प्रत्येक डॉक्टर व कर्मचारी को अनिवार्य रूप से करना है। जो एसओपी के उल्लंघन का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

बैठक में हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमएल ब्रह्म भट्ट, अपर सचिव चिकित्सा शिक्षा नमामि बंसल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन, हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य रंगील सिंह रैना, अपर निदेशक डॉ. आरएस बिष्ट, संयुक्त निदेशक डॉ. एमसी पंत मौजूद रहे।

 

प्रतिदिन बदलनी होगी बेड की चादर

डा. रावत ने कहा, मरीजों को किसी भी प्रकार के संक्रमण से दूर रखने के लिए प्रत्येक दिन भर्ती मरीजों के बेड की चादर बदलनी होगी। इसके लिए सप्ताह में सात दिन के लिए चादरों का अलग-अलग रंग निर्धारित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में साफ-सफाई व्यवस्था बनना वार्ड के नर्सिंग इंचार्ज व कालेज के अधीक्षक की जिम्मेदारी होगी।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand:  निकाय चुनाव के लिए मतदाता बनने का है मौका, तीन दिन चलेगा विशेष अभियान, जानिए क्या करना होगा

मरीजों से मिलने का समय निर्धारित होगा

अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिलने का समय निर्धारित किया जाएगा। विशेषकर आईसीयू व जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। एक मरीज के साथ एक ही तीमारदार वार्ड के अंदर प्रवेश कर सकेगा। मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की भी लगातार निगरानी की जाएगी। यह नई व्यवस्था सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एक जनवरी 2025 से लागू की जाएगी। इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों के साथ ही निदेशक चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल, टेक्नीशियन व वार्ड बॉय की आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनाती की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed