फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Sisters Abscond after kitty fraud of two crore rupees in haridwar

किट्टी के नाम पर 300 लोगों के दो करोड़ रुपये लेकर फरार हुईं दो सगी बहनें, तलाश में पुलिस

Mon, 02 Sep 2019 08:19 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 02 Sep 2019 08:19 AM IST
विज्ञापन
Sisters Abscond after kitty fraud of two crore rupees in haridwar
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड के हरिद्वार में किट्टी ग्रुप का संचालन कर रही दो सगी बहनें सैकड़ों लोगों की करोड़ों की जमापूंजी लेकर लापता हो गई हैं। रविवार को ठगे गए लोगों ने ग्रुप संचालिका बहनों के घर के बाहर पहुंचकर हंगामा काटा। एक पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने बहनों के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। 

विज्ञापन


मध्य हरिद्वार क्षेत्र की विवेक विहार कालोनी की रहने वाली दो बहनें जगदंबा और कमलेश पिछले पांच साल से ओरीफ्लेम ग्रुप के नाम से किट्टी का संचालन कर रही थीं। कई दिन से दोनों बहनें किट्टी की रकम देने में आनाकानी कर रही थीं। शनिवार को जब लोग अपनी रकम लेने उनके घर पहुंचे तो वहां ताला लटका हुआ मिला। देखते ही देखते किट्टी ग्रुप से जुड़े अधिकांश लोग वहां एकत्र हो गए।  
विज्ञापन


देर रात हंगामा होने की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने आमजन को समझा-बुझाकर कर शांत किया। एक पीड़ित  सुशील कुमार चौखानी पुत्र मदन लाल चौखानी निवासी गोविंदपुरी ने साढ़े तीन लाख की रकम ठगने का आरोप जड़ते हुए बहनों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रविवार को ठगे गए लोग फिर से एकत्र होकर दोेनों बहनों के घर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन कर जल्द उनकी गिरफ्तारी की मांग की। पीड़ितों का कहना था कि दोनों बहनों ने करीब करीब ढाई से तीन सौ लोगों को ठगा है।

एक साल से रकम देने में कर रहीं थीं आनाकानी

दोनों बहनें अविवाहित थीं और उनकी मां यहां साथ रहती थी। उनका भाई पुष्कर राजस्थान में रहता है। पीड़ितों की मानें तो पिछले एक साल से वह रकम देने में आनाकानी कर रही थीं। कोतवाली प्रभारी योगेश देव ने बताया कि बहनों की तलाश कर रहे हैं। 

ऐसे चलता था किट्टी ग्रुप
हर माह एक हजार की किश्त जमा करनी होती थी। बीस माह तक यह किश्त देनी होती थी। 21वें महीने में 21 हजार की रकम मिलती थी। यदि बीस माह के अंतराल में किसी का ड्रॉ निकलता था तो उसे 20 हजार की रकम पहले ही अदा कर दी जाती थी और फिर उसे आगे कोई किश्त नहीं देनी होती थी। इसी लालच में फंसकर लोग किट्टी डालने के लिए तैयार हो जाते।  

फिर से बाहर निकला किट्टी का जिन्न
किट्टी का जिन्न एक बार फिर से बोतल से बाहर निकला है। पूर्व में भाजपा से जुड़ी रही गुरप्रीत कौर और शिवांगी त्रिपाठी पर आमजन के करोड़ों रुपये ऐंठने का आरोप है। जेल की हवा खा चुकी यह दोनों महिलाएं आजकल शहर से लापता हैं। उस वक्त भी पूरे शहर में किटी को लेकर हो हल्ला हुआ था। कानून व्यवस्था के बिगड़ने की स्थिति भी बनी थी। लेकिन आमजन फिर भी किट्टी के धंधे का मोह नहीं छोड़ सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed