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नदी, नालों के साथ ही फुटपाथों पर भी बसने लगी बस्तियां

Sat, 20 Aug 2022 12:54 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 20 Aug 2022 12:54 AM IST
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Settlements started settling on river, drains as well as on footpaths
दून में नदी-नालों पर तो अवैध बस्तियां बस ही रही हैं, लेकिन अब फुटपाथों पर भी बस्तियां बसने लगी हैं। चकराता रोड, पटेलनगर, रायपुर रोड पर इसके उदाहरण देखे जा सकते हैं। जहां फुटपाथ पर ही लोगों ने अपना आशियाना बना डाला है। उधर, सब कुछ जानने के बावजूद ना तो पुलिस प्रशासन और ना ही नगर निगम इन अवैध कब्जों पर कार्रवाई को तैयार है। शहर के अन्य हिस्सों में भी फुटपाथों पर या तो दुकानदारों का कब्जा है या ठेली वालों का। जिससे लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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दून में चाहे प्रिंस चौक से लेकर आईएसबीटी हो या प्रिंस चौक से घंटाघर तक। या चाहे घंटाघर से लेकर बल्लुपुर तक। सड़क के दोनों और पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तो बने हैं, लेकिन यह फुटपाथ लोगों के काम नहीं आ रहे हैं। फुटपाथों पर या तो दुकानदारों का कब्जा है, या रेहड़ी, ठेली वालों का। बल्लूपुर के पास तो फुटपाथ पर ही अवैध बस्ती बन चुकी है। चकराता रोड पर आईएमए ब्लड बैंक के पास खुले आम करीब 20 से अधिक परिवार कई सालों से फुटपाथ पर छप्पर बनाकर जीवन यापन कर रहे हैं। यह परिवार राजस्थान के बताए जा रहे हैं। इनकी गाय भी फुटपाथ के ऊपर ही पल रही है।
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मजबूरी में रह रहे फुटपाथों पर
फुटपाथ पर रह रहे राजस्थानी परिवारों का कहना है कि वह ऐसा मजबूरी में कर रहे हैं। एक परिवार के मुखिया शंभूनाथ ने बताया कि कई बार जिलाधिकारी समेत नगर निगम से उन्हें अन्यत्र बसाने की मांग की गई, लेकिन कोई नहीं सुन रहा है। आज ही हमें दूसरी जगह आशियाना मिल जाएगा तो हम खुशी-खुशी चले जाएंगे।
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फुटपाथों पर कब्जा जमाने वालों के खिलाफ नगर निगम निरंतर अभियान चलाता है। चकराता रोड, सहित अन्य जगह फुटपाथों पर हुए कब्जों को दिखाया जाएगा। जल्द ही इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जगदीश लाल, अपर नगर आयुक्त
कई बार इन परिवारों को हटाया जा चुका है। समस्या यह है कि इन्हें कहां बसाया जाए। पहले कुछ ही ऐसे परिवार थे, लेकिन अब इनकी तादात काफी बढ़ गई है। इस संबंध में जल्द ही कोई आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सुनील उनियाल गामा, मेयर नगर निगम
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