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जांच में उलझी स्कूल में छेड़छाड़ का शिकार हुई छात्रा की पढ़ाई, पड़ताल में सामने आई बात
Tue, 15 Jan 2019 10:32 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 15 Jan 2019 10:32 AM IST
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Rape Victim
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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स्कूल में छेड़छाड़ का शिकार हुई छात्रा की पढ़ाई अब जांच में उलझ गई है। जिस पंजीकरण संख्या को लेने के लिए परिजन स्कूल के चक्कर काट रहे हैं, उसका पता चला है कि वह स्कूल ने कराया ही नहीं। यह जानकारी सीबीएसई की पड़ताल में सामने आई है। जहां तक पुलिस की जांच की बात है तो मुकदमे की विवेचना अधिकारी स्कूल प्रबंधन से पूछताछ करेगी।
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आठ दिसंबर 2018 को मसूरी रोड स्थित एक स्कूल में तैराकी कोच ने छात्रा से छेड़छाड़ की थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने 13 दिसंबर को मुकदमा दर्ज कर आरोपी सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। घटना के बाद से छात्रा ने दूसरे स्कूल में पढ़ने की इच्छा जताई थी। लेकिन, स्कूल प्रबंधन दबाव बनाने लगा कि वह अपनी पढ़ाई यहीं से पूरी करे।
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काफी प्रयास के बावजूद स्कूल ने छात्रा को पंजीकरण संख्या उपलब्ध नहीं कराई। परिजनों की शिकायत पर एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने मुकदमे की विवेचना अधिकारी को सीबीएसई और स्कूल प्रबंधन के साथ मिलकर इसकी जांच करने के निर्देश दिए थे। लेकिन, दस दिन बाद भी इस मामले में परिजनों को कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। अब चूंकि, मंगलवार से स्कूल खुल रहे हैं, तो छात्रा के परिजन दाखिले को लेकर परेशान हैं।
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इधर, सोमवार को सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने नया खुलासा किया है। उनका कहना है कि अभी तक उनसे पुलिस ने संपर्क नहीं किया है। बावजूद इसके जब बात उनके संज्ञान में आई तो उन्होंने पड़ताल कराई है। पता चला कि स्कूल ने इस छात्रा का पंजीकरण ही नहीं कराया है। यह पूर्णरूप से जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की है कि वह हर छात्र का पंजीकरण कराए।
आरोप प्रत्यारोप में उलझा है पंजीकरण
इस मामले में स्कूल प्रबंधन का अपना अलग ही रुख है। चेयरमैन प्रेम कश्यप का कहना है कि छात्रा के परिजनों ने दाखिले के समय ओरिजिनल ट्रांसफर सर्टिफिकेट जमा नहीं कराया था। इस वजह से उसका पंजीकरण नहीं कराया जा सका। हालांकि, परिजनों का कहना है कि उन्होंने दाखिले के समय सभी दस्तावेज स्कूल को दे दिए थे।