सल्ट विधानसभा चुनाव : चार साल के कार्यों की बदौलत सल्ट चुनाव जीतेगी पार्टी - त्रिवेंद्र सिंह रावत
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के साथ ही बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं दीं।
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पूर्व मुख्यमंत्री और डोईवाला विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि चार साल में उनके नेतृत्व में सरकार ने सल्ट विधानसभा क्षेत्र में काफी विकास कार्य किए हैं। उनकी बदौलत निश्चित तौर पर भाजपा सल्ट का उपचुनाव जीत जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि पार्टी चुनाव प्रचार के लिए उनका कार्यक्रम तय करती है तो वह जरूर जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के साथ ही बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं दीं।
डोईवाला के साथ ही प्रदेश भर से आने वाले लोगों से नियमित तौर पर मिलने, उनकी समस्याएं सुनने और उनके निराकरण के लिए मंगलवार को पूर्व सीएम ने नेहरू कालोनी में कार्यालय का शुभारंभ पूजा-अर्चना के साथ किया। इस कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री अब नियमित तौर पर जनता के लिए उपलब्ध रहेंगे।
इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, खजान दास, पूर्व दायित्वधारी दीप्ती रावत, अनिल गोयल, राजेश शर्मा, रविंद्र कटारिया, करन बोरा, जितेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
पूर्व सीएम ने कहा कि पूर्व विधायक स्व.सुरेंद्र सिंह जीना बहुत ही व्यवहारिक और कार्यकुशल थे। सल्ट विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए उनके कार्यकाल में करीब 98 घोषणाएं की थीं। जिसमें से करीब 80 घोषणाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। शेष 18 घोषणाओं पर भी काम चल रहा है। सुरेंद्र सिंह जीना के काम और स्मृतियां लोगों के मन में बसी हैं।
सल्ट के लोगों से कहना चाहूंगा कि यह कार्यकाल फिर से भाजपा को दें। जिससे स्व.जीना के अधूरे कार्यों को भाजपा पूरा कर सके। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव को चुनौती मानकर ही जीता जा सकता है। विपक्ष को कभी भी कमजोर नहीं माना जाना चाहिए। भाजपा का एक मजबूत तंत्र है। सल्ट की जनता ने भाजपा को पांच साल के लिए वोट दिया था। अभी वह कार्यकाल शेष है। मुझे भरोसा और विश्वास है कि सल्ट की जनता भाजपा प्रत्याशी को भारी बहुमत से उपचुनाव में पहले से ज्यादा वोट से विजयी बनाएगी।
जनता से बेहतर संवाद के लिए खोला कार्यालय: त्रिवेंद्र
पूर्व सीएम ने कार्यालय खोलने के सवाल पर कहा कि लगातार कार्यकर्ताओं और जनता से संवाद बना रहना चाहिए। पहले सरकारी कार्यालय था, फिर अपने घर से ही कार्यालय संचालित किया। अब जनसंपर्क बढ़ा तो लगा कि कोई उपयुक्त कार्यालय होना चाहिए। इसलिए यह कार्यालय खोला गया, जिससे जनता की सेवा कर सकूं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में सरकार ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए काफी अच्छा कार्य किया है। लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। व्यापक टीकाकरण के बाद भी लोगों को ज्यादा सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। अभी तक सरकार ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जो कदम उठाए हैं वह ठीक हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो और ज्यादा सख्ती भी करने से परहेज नहीं किया जाना चाहिए।
जनहित में कोई बदलाव करने में बुराई नहीं
पूर्व सीएम ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार ने उनके फैसले पलटने को लेकर हल्ला ज्यादा हो रहा है, जबकि बदलाव मामूली हैं। यदि जनहित में सरकार कोई बदलाव करती है तो उसमें कोई बुराई नहीं है। सरकार के एक माह के कार्यकाल के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक माह का समय किसी के भी कार्य के आंकलन के लिए बहुत कम होता है। एक माह में किसी से बड़ी अपेक्षा करना गलत होगा। गैरसैंण कमिश्नरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ने उनके निर्णय को केवल स्थगित किया है, बदला नहीं गया है। लेकिन मैं आज भी कहता हूं कि गैरसैंण कमिश्नरी का निर्णय आने वाले भविष्य के लिए काफी उपयुक्त साबित होता।
जनता के सहयोग से ही जंगलों की आग पर काबू
उन्होंने जंगलों की आग के सवाल पर कहा कि उत्तराखंड में 48 फीसदी वनाच्छादित क्षेत्र है। इसमें 25 फीसदी भू भाग चीड़ वाला है। इस साल बारिश नहीं हुई। इससे जमीन की नमी कम हो गई। इसके कारण आग ज्यादा फैल रही है। पूर्व सीएम ने कहा कि हाईकोर्ट के मलिन बस्तियों को हटाने के फैसले के बाद उनकी सरकार तीन साल के लिए अध्यादेश लेकर आई थी। कृषि भूमि के भू उपयोग परिवर्तन पर हाईकोर्ट की रोक के बाद गरीबों के लिए जो आवास बनने थे, उसमें दिक्कत आई है। अब कोर्ट से सरकार के पक्ष में फैसला हुआ है। इसलिए गरीबों के लिए आवास बनाने के कार्य में तेजी आएगी। तब तक अध्यादेश को बढ़ाया जा सकता है।
भाजपा के महेश की भावुक लहर से खूब टकरा रही कांग्रेस की गंगा
सल्ट विधानसभा उपचुनाव की जंग धीरे-धीरे अपने निर्णायक मुकाम की ओर बढ़ रही है। मतदान के लिए महज पांच दिन शेष रह गए हैं और मैदान में उतरे उम्मीदवारों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। उपचुनाव में बेशक सात उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन असल मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही सिमट चुका है।
भावनाओं की लहर पर सवार भाजपा प्रत्याशी महेश जीना को कांग्रेस की गंगा पंचौली टक्कर दे रही हैं। इस मुकाबले में दोनों ही दल के नेता अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। देखते ही देखते उपचुनाव अब अपने निर्णायक मुकाम की ओर कदम बढ़ा चुका है। इसलिए प्रचार के आखिरी चरण में सियासी दल दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारकर माहौल अपने पक्ष में कर देना चाहते हैं।
कोरोना से जंग जीतकर दिल्ली एम्स से देहरादून लौटे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भाजपा प्रत्याशी की भावुक रणनीति का जवाब भावुक वीडियो अपील के जरिये देने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव व कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी अपनी टीम के साथ प्रचार के मोर्चे पर डटे हैं। अब हरीश रावत भी खुद को रोक नहीं पा रहे हैं और प्रचार के आखिरी दिन वे सल्ट के मतदाताओं के बीच जाने की तैयारी कर रहे हैं।
उधर, भाजपा ने भी प्रचार के आखिरी दिन यानी 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट सुबोध उनियाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारने जा रही है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार का कहना है कि उपचुनाव के प्रचार में पार्टी के कई दिग्गज पहले से सल्ट में जुटे हैं। 15 को मुख्यमंत्री की भी चुनावी जनसभा कराई जाएगी।
मैं सल्ट में प्रचार करके लौटा हूं। वहां के मतदाताओं का मन भारी मतों से भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाकर पूर्व विधायक स्व.सुरेंद्र सिंह जीना को श्रद्धांजलि देना का है। भाजपा जीत की ओर मजबूती से कदम बढ़ा चुकी है।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का सल्ट दौरा तय
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आखिरकार सल्ट उपचुनाव के प्रचार मैदान में उतरने को तैयार हो गए हैं। वे चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सल्ट में नजर आ सकते हैं। अभी तक के तय कार्यक्रम के मुताबिक 15 अप्रैल को रावत हेलीकॉप्टर के जरिये सल्ट पहुंचेंगे और वहां तीन जनसभाएं करेंगे।
सल्ट उपचुनाव को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ चुके हैं। ऐसे में कोविड संक्रमण से मुक्त होने के बाद उनकी सल्ट के प्रचार अभियान से दूर रहने की संभावना कम ही मानी जा रही थी। अब रावत का सल्ट दौरा तय हो गया है। उनके बेटे आनंद रावत के मुताबिक हरीश सल्ट में तीन स्थानों पर जनसभाएं करेंगे। एक जनसभा स्याल्दे, दूसरी हरड़ा और तीसरी पोखरी में होगी।
हरीश रावत मैदान में उतरे तो प्रचार में आएगी गरमी
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अगर 15 को चुनाव मैदान में उतरते हैं तो प्रचार का गरमाना भी तय है। हरीश रावत के लिए सल्ट जाना पहचाना क्षेत्र है और वे इस क्षेत्र में खासे सक्रिय भी रहे हैं। यह शायद पहला उपचुनाव है जिसमें कांग्रेस एक खास रणनीति के तहत चुनाव मैदान में है। सल्ट में करीब 150 बूथ हैं और हर बूथ पर एक बड़े नेता को जिम्मेदारी दी गई है। खुद प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह चुनाव के आखिरी दिन तक मैदान में उपस्थित हैं। प्रदेश प्रभारी भी यह साफ कह चुके हैं कि बूथ पर बड़े नेताओं की उपस्थिति जरूरी है।