Amar Ujala Exclusive: एनएच-74 घोटाले के दाग अभी मिटे भी नहीं रुद्रपुर बाइपास परियोजना में भी खेल शुरू
बाइपास बनने से पहले ही भू उपयोग बदलने का खेल शुरू हो गया है। रुद्रपुर बाइपास परियोजना के अलाइनमेंट पर लोग घर और दुकानें बनाने लगे हैं। एनएचआई ने शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। सरकार इसकी जांच कराएगी। शिकायतें सही पाए जाने पर बाईपास के अलाइनमेंट में बदलाव भी हो सकता है
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ऊधमसिंह नगर जनपद में एनएच-74 घोटाले के दाग अभी मिटे भी नहीं कि जिले में प्रस्तावित रुद्रपुर बाइपास परियोजना में भी खेल शुरू हो गया है। जिन गांवों में बाइपास का निर्माण होना है, वहां अधिक मुआवजा वसूलने के लिए कुछ भू स्वामी अलाइनमेंट (नक्शे पर मार्ग की प्रस्तावित रेखा) के आस-पास मकान, दुकान व गोदाम बना रहे हैं।
कृषि भूमि को गैर कृषि में परिवर्तन कराने की शिकायतें भी मिली हैं। मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) ने शासन को पत्र लिखकर उचित आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। प्राधिकरण ने ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी से बाइपास में पड़ने वाले गांवों में किसी भी खसरा संख्या की भूमि की खरीद फरोख्त व उसकी प्रकृति को गैर कृषि करने से पूर्व प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की अपेक्षा की है।
माना जा रहा है कि उच्च स्तर पर इस मामले में जांच के आदेश हो सकते हैं। जांच में यदि भू उपयोग परिवर्तन की शिकायतें सही पाई गईं तो एनएचएआई बाइपास के अलाइनमेंट में बदलाव भी कर सकता है। इस संबंध में शासन व प्रशासन से खसरा संख्या की भूमि से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। एनएचएआई को आशंका है कि भूमि की खरीद फरोख्त व उसे अकृषि किए जाने से परियोजना की लागत बढ़ सकती है, इसे रोकने के लिए दस्तावेजों की जांच भी आवश्यक है।
बाइपास से ये गांव हो रहे प्रभावित
ऊधमसिंह नगर जिले की रुद्रपुर तहसील में भमरौला, रुद्रपुर, खानपुर पूर्व, बागवाल, कोलयिा, दानपुर, बिंदुखेड़ा, मटकोटा, कल्याणपुर, विगवाड़ा व रायपुर गांवों बाइपास से प्रभावित हो रहे हैं।
यूपी वाले हिस्से में जांच शुरू
रुद्रपुर बाइपास के यूपी वाले नौ किमी हिस्से में भू स्वामियों ने खरीद-फरोक्थ, निर्माण एवं भूमि की प्रकृति में फेरबदल करने की जांच शुरू हो गई है। मामला संज्ञान आने के बाद रामपुर के जिलाधिकारी प्रकरण की जांच कर रहे हैं।
स्थलीय निरीक्षण में पकड़ा खेल
सूत्रों के मुताबिक, एनएचएआई के परियोजना क्रियान्वयन इकाई कार्यालय ने स्थलीय निरीक्षण में पाया कि बाइपास के प्रस्तावित संरेखण (एलाइनमेंट) में कुछ भूमिधरों ने मकान, दुकान व गोदाम बना दिया है, ताकि भूमि का अधिक प्रतिकर प्राप्त हो सके। इस भूमि पर निर्माण कार्य किया जा रहा है और कृषि भूमि को गैर कृषि में परिवर्तन करने के प्रयास हो रहे हैं।
21 किमी लंबा है रुद्रपुर बाइपास
रुद्रपुर बाइपास 21 किमी लंबा है। उत्तराखंड में यह 12 किमी बनना है। उत्तर प्रदेश में इसकी लंबाई नौ किमी है। इस परियोजना पर 821.38 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
डीपीआर बनाने का काम प्रगति पर
परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के मामलों (एलएसी) की पहचान का कार्य हो चुका है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम प्रगति पर है। भूमि अधिग्रहण के लिए प्रकाशन का काम भी हो चुका है। थ्री डी का काम लंबित है।
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एनएचआई ने रुद्रपुर बाइपास परियोजना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। प्रकरण उच्च स्तर पर भेजा गया है। जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, आगे की कार्रवाई की जाएगी। - आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव, लोनिवि