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उत्तराखंड: पहाड़ में उद्योग के लिए जमीन खरीदना होगा आसान, भूमि खरीद पर लगने वाली बंदिशें हटेंगी

Sat, 06 Oct 2018 09:23 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 06 Oct 2018 09:23 AM IST
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Restrictions on land purchase For Business in Mountain area will deviate
trivendra singh rawat

पर्वतीय क्षेत्रों में प्रदेश से बाहर के लोगों के लिए भूमि खरीद पर लगी बंदिशें हटेंगी। बशर्ते, भूमि को उद्योग स्थापित करने के लिए खरीदा जाए। मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को पर्वतीय क्षेत्रों में भूमि खरीद के लिए विशेष अध्यादेश का निर्णय लिया। इससे उद्योगों को पहाड़ चढ़ाने का दरवाजा खुल जाएगा। पहाड़ पर भूमि खरीद की 12.5 एकड़ की अधिकतम सीमा समाप्त होगी।

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उद्योगपति को धारा 143 के तहत लैंड यूज बदलवाने के साथ राजस्व विभाग की अनुमति लेने के झंझट से छुटकारा मिलेगा। सिंगल विंडो के तहत उद्योगपति अपने निवेश का प्रस्ताव स्वीकृत करा पहाड़ पर कहीं भी भूमि खरीद सकेंगे। मैदानी जनपदों हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के अलावा देहरादून और नैनीताल के मैदानी हिस्सों में भूमि खरीद पर दी छूट प्रभावी नहीं होगी। 
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर मंत्रिमंडल की हुई बैठक में उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 (अनुकलन एवं उपरांतरण आदेश 2001) (संशोधन) अध्यादेश 2018 को मंजूरी दी है। अधिनियम की धारा 154 (4) (3) (क) में बदलाव होगा, जिससे कृषि और औद्यानिकी की भूमि को उद्योग स्थापित करने के लिए खरीदा जा सकता है।
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उद्योगों के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि के लिए 12.5 एकड़ की सीलिंग हटा दी है। किसान अपनी भूमि का उद्योग लगाने के प्रायोजन से बिना राजस्व की अनुमति लिए कर सकता है। लैंड यूज बदलने के लिए अधिनियम की धारा 143 के तहत पटवारी से लेकर एसडीएम तक चक्कर काटने की औपचारिकताएं अध्यादेश प्रभावी होते ही खत्म हो जाएंगी। राजस्व विभाग की अधिकारों में कटौती कर पर्वतीय क्षेत्रों के धारा 143 को 143 (क) में परिवर्तित किया जाएगा।  

केवल पर्वतीय विकासखंड में मिलेगा लाभ 

औद्योगिक प्रयोजनों के लिए राज्य के जिला पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी एवं अल्मोड़ा पूरी तरह से अध्यादेश की परिधि में आएंगे। जिला देहरादून के विकासनगर, डोईवाला, सहसपुर तथा रायपुर विकासखंड में उद्योगपतियों को लाभ नहीं मिलेगा। जिला नैनीताल के हल्द्वानी और रामनगर विकासखंड को भी इससे बाहर रखा है। 

पर्वतीय जिलों में यह क्षेत्र परिधि से बाहर 
अध्यादेश आने के बाद भी नगर निगम, नगर पंचायत, नगर परिषद और छावनी परिषद क्षेत्रों की सीमा में आने वाले क्षेत्र पर धारा 143 और 154 में किए जा रहे बदलाव प्रभावी नहीं होंगे। 

शर्तें का नहीं किया पालन तो जाएगी भूमि
सरकार ने उद्योगपतियों को पहाड़ में जितनी चाहे भूमि खरीदने की छूट दे दी है, लेकिन तय शर्तों का उल्लंघन होने पर खरीद शून्य हो जाएगी। औद्योगिक प्रयोजन के अंतर्गत उद्योग में शामिल सेक्टर के अलावा चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक गतिविधियों को भी रखा है। खरीद के बाद उद्योगपति को संबंधित राजस्व अधिकारी को अवगत करवाना भी जरूरी है।

अन्य प्रमुख पारित प्रस्ताव 
- पेट्रोल डीजल की कीमतों में कमी लाने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा।
- सेवा का अधिकार आयोग की 2016-17 की रिपोर्ट कैबिनेट में रखी गयी।

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