फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Rehabilitation policy will soon be made for destitute children in Uttarakhand

Uttarakhand: प्रदेश में बेसहारा बच्चों के लिए जल्द बनेगी पुनर्वास नीति, नौ नवंबर से नीति लागू करने की तैयारी

Mon, 10 Oct 2022 07:47 PM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 10 Oct 2022 07:47 PM IST
सार

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास ने स्ट्रीट चिल्ड्रन (बेसहारा) पुनर्वास नीति का ड्राफ्ट बनाया है। बच्चों के लिए नीति को लेकर अब तक चार बैठकें हो चुकी हैं। इसमें अधिकतर बच्चे उत्तराखंड से बाहर के राज्यों के हैं। 

विज्ञापन
Rehabilitation policy will soon be made for destitute children in Uttarakhand
बैठक लेती मंत्री रेखा आर्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में पहली बार स्ट्रीट चिल्ड्रन (बेसहारा) पुनर्वास नीति लागू होने जा रही है। सरकार की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जिसे राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर से लागू करने की तैयारी है। प्रदेश में अनाथ और सड़कों पर बेसहारा घूम रहे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुनर्वास नीति का प्रस्ताव तैयार किया गया।

विज्ञापन


महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास ने इस नीति का ड्राफ्ट बनाया है। नीति को अंतिम रूप देने के लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों से सुझाव मांगे गए थे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सड़कों पर रहने वाले तीन तरह के बच्चे हैं। एक वह बच्चे हैं जो अकेले रहते हैं। दूसरे अपने माता पिता के साथ रहते हैं। 
विज्ञापन


तीसरे वह बच्चे हैं जो दिनभर सड़क पर रहते हैं और दिन ढलते ही मलिन बस्तियों में चले जाते हैं। इस तरह के बच्चे न स्कूल में हैं न परिवार में। खासतौर पर देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में इस तरह के बच्चे हैं। इन बच्चों के लिए नीति में आश्रय गृह बनाने की व्यवस्था की जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल देहरादून, हरिद्वार व हल्द्वानी में आश्रय गृह चल रहे हैं। जिन्हें आवश्यकता के हिसाब से बढ़ाया जाएगा। नीति को लेकर कुछ जिलाधिकारियों का यह भी प्रस्ताव है कि दिन में इन बच्चों को आश्रय गृह में रखा जाए, जबकि शाम को वह अपने परिवार के साथ चले जाएं।

ये भी पढ़ें...Amar Ujala Exclusive: बंदियों के साथ नहीं रखे जाएंगे कट्टरपंथी कैदी, उत्तराखंड की जेलों में बनेंगे अलग सेल


इन बच्चों की पढ़ाई लिखाई के साथ ही उन्हें कौशल विकास से भी जोड़ने की तैयारी है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इन बच्चों के लिए नीति को लेकर अब तक चार बैठकें हो चुकी हैं। इसमें अधिकतर बच्चे उत्तराखंड से बाहर के राज्यों के हैं। 

सरकार स्ट्रीट चिल्ड्रन पुनर्वास नीति को लागू करने जा रही है। इसके प्रस्ताव को लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है। नीति को राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर से लागू कर दिया जाएगा। - रेखा आर्य, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed