फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   railway department faces loss

ज्यादा मुनाफे के चक्कर में नुकसान झेल रहा रेलवे, कैसे जानिए वजह

Sat, 08 Sep 2018 10:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 08 Sep 2018 10:56 AM IST
विज्ञापन
railway department faces loss
देहरादून रेलवे स्टेशन - फोटो : AmarUjala

ज्यादा मुनाफे के चक्कर में रेलवे विभाग को नुकसान झेलना पड़ रहा है।

विज्ञापन


देहरादून रेलवे को पार्किंग से सालाना जो 16 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा था वह भी ज्यादा राजस्व के लालच में 17 नवंबर 2017 को ठेका निरस्त होने पर बंद हो गया। उसके बाद से वाहन बेतरतीब खड़े हो रहे हैं। ‘संवाद’ कार्यक्रम में उठे इस मुद्दे का डीआरएम ने जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। 

डीआरएम एके सिंघल शुक्रवार को देहरादून रेलवे स्टेशन में कर्मचारियों से संवाद करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से उनकी परेशानियां जाननी चाहिए तो समस्याओं का अंबार लग गया। एनआरएमयू के ब्रांच सेक्रेटरी राजेंद्र गुसाईं ने डीआरएम को बताया कि स्टेशन और रेलवे कालोनियों की सफाई व्यवस्था के लिए महज नौ कर्मचारी तैनात हैं। जबकि स्वीकृत 65 पद हैं। वर्षों से इन पदों पर नियुक्ति न होने का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। इसके अलावा स्टेशन का सौंदर्यीकरण भी नहीं हो रहा है।
विज्ञापन


स्टेशन पर फैली अव्यवस्थाओं का जिक्र एक-एक करके होता रहा और डीआरएम गौर से सुनते रहे। आखिरकार प्रयास करने का आश्वासन देकर वह चलते बने। पार्किंग ठेका बहाली को लेकर उन्होंने कहा कि दाम अच्छा न मिलने के कारण टेंडर निरस्त करना पड़ रहा है। इस पर संगठन नेता राजेंद्र गुसाई ने तर्क दिया कि पूरा नुकसान होने से बेहतर है कि सालाना करीब 16 लाख का राजस्व तो बरकरार रहे। इस पर सहमति जताते हुए डीआरएम ने जल्द निर्णय लेने की बात कही। 
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वास्थ्य निरीक्षक थूकने वालों से परेशान 
पूरे देश में स्वच्छता अभियान चल रहा है, लेकिन स्टेशनों का हाल पहले जैसा ही नजर आता है। देहरादून रेलवे स्टेशन पर रखे गमलों में पौधे लोगों के पान मसाले के थूक से बदरंग कर दिए हैं। कई पौधे सूख चुके हैं। स्वास्थ्य निरीक्षक प्रीतम सिंह का कहना है कि ये बहुत गलत है। दो कर्मचारी रोजाना पान मसालों की पुड़िया और थूक से भरे गमलों की गुड़ाई कर साफ करने में तैनात करना पड़ रहा है। लाख कोशिश के बावजूद गंदगी फैलाने वालों पर अंकुश नहीं लग रहा है।    

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed