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Dehradun News: मानव शृंखला बनाकर मणिपुर की घटना का विरोध
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दो दर्जन से अधिक संगठनों से जुड़े लोगों ने गांधी पार्क के गेट के बाहर मानव शृंखला बनाकर मणिपुर की घटना पर आक्रोश जताया। विरोध प्रदर्शन में कई विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर राज्य सरकार को बर्खास्त करने के साथ ही प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का इस्तीफा मांगा।
रविवार सुबह दो दर्जन से अधिक जन संगठनों से जुड़े लोग गांधी पार्क के गेट के बाहर जमा हुए। इसके बाद गांधी पार्क से घंटाघर और घंटाघर से एस्ले हॉल तक मानव शृंखला बनाई। इस दौरान कुछ देर के लिए ट्रैफिक बाधित हुआ। लेकिन पुलिस ने दूसरे रास्तों से वाहनों को निकाला। इसके बाद लोग फिर गांधी पार्क पहुंचे और एक प्रस्ताव पारित कर आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि मणिपुर की घटना महिला सम्मान और बेटी बचाओ के खोखले नारों का भी उपहास है।
इस घटना की जानकारी सरकार को पहले से थी। इसके बावजूद 18 जुलाई को वीडियो वायरल होने के बाद कुछ गिरफ्तारियां की गईं। संगठनों ने दोषियों की पहचान कर उन्हें सलाखों की पीछे पहुंचाने और कठोर दंड दिलाने की मांग की। इस दौरान बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता धूम सिंह नेगी, पर्यावरणविद डॉ. रवि चोपड़ा, पूर्व मुख्य सचिव एसके दास, पूर्व अपर मुख्य सचिव विभा पुरी, पूर्व गढ़वाल कमिश्नर एसएस पांगती, पूर्व शिक्षा निदेशक नंद नंदन पांडेय, महिला मंच की कमला पंत, गीता गैरोला मौजूद रहे।
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रविवार सुबह दो दर्जन से अधिक जन संगठनों से जुड़े लोग गांधी पार्क के गेट के बाहर जमा हुए। इसके बाद गांधी पार्क से घंटाघर और घंटाघर से एस्ले हॉल तक मानव शृंखला बनाई। इस दौरान कुछ देर के लिए ट्रैफिक बाधित हुआ। लेकिन पुलिस ने दूसरे रास्तों से वाहनों को निकाला। इसके बाद लोग फिर गांधी पार्क पहुंचे और एक प्रस्ताव पारित कर आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि मणिपुर की घटना महिला सम्मान और बेटी बचाओ के खोखले नारों का भी उपहास है।
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इस घटना की जानकारी सरकार को पहले से थी। इसके बावजूद 18 जुलाई को वीडियो वायरल होने के बाद कुछ गिरफ्तारियां की गईं। संगठनों ने दोषियों की पहचान कर उन्हें सलाखों की पीछे पहुंचाने और कठोर दंड दिलाने की मांग की। इस दौरान बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता धूम सिंह नेगी, पर्यावरणविद डॉ. रवि चोपड़ा, पूर्व मुख्य सचिव एसके दास, पूर्व अपर मुख्य सचिव विभा पुरी, पूर्व गढ़वाल कमिश्नर एसएस पांगती, पूर्व शिक्षा निदेशक नंद नंदन पांडेय, महिला मंच की कमला पंत, गीता गैरोला मौजूद रहे।
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