फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Principal and teachers held hostage, many students arrested

प्राचार्य, शिक्षक और छात्रों को बंधक बनाने वाले प्रदर्शकारी छात्र गिरफ्तार

Sun, 21 Aug 2022 01:33 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 21 Aug 2022 01:33 AM IST
विज्ञापन
Principal and teachers held hostage, many students arrested
प्रवेश शुल्क की प्रक्रिया को ऑफलाइन करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने डीएवी के प्राचार्य और शिक्षकों को करीब छह घंटे तक बंधक बना कर रखा। बाद में पुलिस ने ताला तोड़ प्राचार्य और शिक्षकों को बाहर निकाला और प्रदर्शनकारी छात्रों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले गई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन

शनिवार को सुबह करीब 11 बजे छात्र समिति के नेतृत्व में दर्जन भर से अधिक छात्र डीएवी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. केआर जैन से मुलाकात करने बोर्ड ऑफिस पहुंचे। यहां उन्होंने प्रवेश शुल्क की प्रक्रिया को ऑफलाइन करने की मांग उठाई। छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य ने प्रक्रिया को किसी भी कीमत पर ऑफलाइन न करने की बात कही। जिससे गुस्साए छात्रों ने महाविद्यालय के बोर्ड ऑफिस में ताला लगा प्राचार्य और शिक्षकों को बंधक बना लिया। सूचना मिलने के तुरंत बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस के कई बार समझाने के बाद भी प्रदर्शनकारी छात्र नहीं माने। शाम करीब पांच बजे पुलिस ने बोर्ड ऑफिस का ताला तोड़ प्राचार्य और शिक्षकों को बाहर निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों व पुलिस के बीच जमकर झड़प भी हुई।
विज्ञापन

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि प्रवेश शुल्क की प्रक्रिया को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी किया जाए। कोविड काल के दो साल को छोड़ इससे पहले यह प्रक्रिया पूूरी तरह से ऑफलाइन होती थी। लेकिन, प्रक्रिया को केवल ऑनलाइन करने से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन करने वाले छात्रों में सुमित श्रीवास्तव, सुमित कुमार, ऋषभ मल्होत्रा, उदित थपलियाल, सिद्धार्थ अग्रवाल, आकिब अहमद, मनमोहन रावत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कॉलेज प्रबंधन पर लगाया प्रॉस्पेक्टस घोटाले का आरोप
डीएवी कॉलेज प्रबंधन पर छात्रों ने प्रॉस्पेक्टस घोटाले का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि प्रवेश की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रॉस्पेक्टस उपलब्ध है। इसके बावजूद भी कॉलेज प्रबंधन ने प्रॉस्पेक्टस छपाए हैं। छात्र नेता अभिषेक ममगाईं, शोएब अहमद, चंद्रशेखर मिहिर, आशीष रावत, हिमांशु कुकरेती ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से करीब 12 हजार प्रॉस्पेक्टस छपाने की तैयारी है। जिसमें से चार हजार प्रॉस्पेक्टस कॉलेज में आ भी गए हैं। इतना ही नहीं छात्रों को वो प्रॉस्पेक्टस दिए भी नहीं जा रहे हैं। ऐसे में प्रॉस्पेक्टस की आड़ में कॉलेज प्रबंधन की ओर से लाखों रुपये का घोटाला करने की तैयारी है।
छात्रों व शिक्षकों की बिगड़ी तबीयत
करीब छह घंटे तक बोर्ड ऑफिस में बंधन बन कर रहे कुछ शिक्षकों की गर्मी व उमस से तबीयत बिगड़ गई। शिक्षकों ने बताया कि कई शिक्षकों की उम्र 50 से अधिक है। ऐसे में एक छोटे से कमरे में घंटों बंद रहने से उनकी हालत खराब हो गई।
छात्रों के साथ है कॉलेज प्रबंधन, बस छात्र करें सहयोग
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केआर जैन ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन पूरी तरह से छात्रों के साथ हैं, बस छात्रों को हमारा सहयोग करना होगा। उन्होंने बताया कि इस बार कॉलेज में नई शिक्षा नीति के तहत कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के आधार पर छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है। इस स्थिति में प्रवेश शुल्क की प्रक्रिया ऑनलाइन ही संभव है। जबकि अन्य प्रक्रिया ऑफलाइन मोड पर पूरी होगी। यह जानकारी प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने से पहले शिक्षकों व छात्रों की हुई बैठक में दे दी गई थी। छात्रों की मांग पर पंजीकरण की प्रक्रिया को कई बार बढ़ाया गया है। रही बात प्रॉस्पेक्टस की तो जो छात्र ऑफलाइन मोड में प्रॉस्पेक्टस लेना चाहता है वह कॉलेज से लेने के साथ ऑनलाइन भी प्रॉस्पेक्टस डाउनलोड कर सकता है।
छात्रों का आरोप-पुलिस ने अपराधियों की तरह किया गिरफ्तार
देहरादून। छात्र नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने बिना बातचीत किए उन्हें खदेड़ना शुरू कर दिया। साथ ही सीनियर अधिकारी ने सीधे गिरफ्तारी के निर्देश दे दिए। बताया कि पुलिस के साथ हुई झड़प में महिला छात्र नेता के हाथ-पैरों में चोट आई है। कहा कि ये कॉलेज प्रशासन का मामला था। इसमें कॉलेज के प्रशासन का इस्तेमाल किया जाना था। आरोप है कि पुलिस ने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर उनके अधिकारों का हनन किया है।

पुलिस के पास कॉलेज प्रशासन की ओर से तहरीर दी गई थी। इसके बाद सुबह 11 बजे पुलिस टीम कॉलेज परिसर में पहुंची और छात्र नेताओं को ताला खोलने के लिए समझाया गया। लेकिन, पांच बजे तक प्राचार्य और शिक्षकों को बंधक बनाए रखा जो गैरकानूनी डिटेंशन में आता है। इसलिए हमारी ओर से उनकी गिरफ्तारी की गइ है।
-नरेंद्र पंत, सीओ सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed