9 महीने बाद हत्थे चढ़ा अपराधी प्रवीण डागर, दिल्ली में पुलिस अभिरक्षा से हुआ था फरार
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नौ महीने पहले दिल्ली में रुड़की पुलिस की अभिरक्षा से फरार होने में कामयाब रहा पांच हजार का इनामी अपराधी प्रवीण डागर उर्फ डिंपी उर्फ डेग शुक्रवार को क्राइम इंवेस्टीगेशन यूनिट(सीआईयू) रुड़की और गलौर पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड, राजस्थान, नई दिल्ली, गोवा में साइबर क्राइम से जुड़े 14 मुकदमे दर्ज हैं और उसे क्लोन एटीएम एवं ऑनलाइन ठगी में महारथ हासिल है। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाते हुए नगद इनाम की घोषणा की है।
मेला नियंत्रण कक्ष में शुक्रवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने बताया कि 30 अक्तूबर को रुड़की जेल से पुलिस गारद कैदी प्रवीण डागर पुत्र सूरजभान निवासी जडोदा कलां थाना बाबा हरिदासपुर नगर नई दिल्ली को कोर्ट में पेशी पर दौसा राजस्थान ले गई थी। राजस्थान से लौटते वक्त बाबा हरिदासनगर थाना क्षेत्र से वह फरार होने में कामयाब रहा था।
दावत उड़ा रहे थे पुलिसकर्मी, तब हुआ था फरार
एसएसपी की माने तो आरोपी के शुक्रवार सुबह हरिद्वार आने की सूचना पर सीआईयू रुड़की और मंगलौर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में गंगनहर पटरी से आरोपी को मोटरसाइकिल पर आते हुए पकड़ लिया।
आरोपी के कब्जे से एक देसी तमंचा, दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। एसएसपी ने बताया कि आरोपी प्रवीण डागर एटीएम मशीन में गुप्त कैमरे लगाकर पासवर्ड जानकर और एटीएम स्कैन मशीन की मदद से आमजन के एटीएम स्कैन कर क्लोन एटीएम बना लेने में माहिर है।
बेहद शातिर प्रवीण डागर जब अक्टूबर माह में फरार हुआ था, तब पुलिस के जवान उसके घर पर ही दावत उड़ा रहे थे। वह उन्हें कमरे में बंद कर फरार होने में कामयाब रहा था। तब से हरिद्वार पुलिस उसकी धरपकड़ में जुटी हुई थी और दिल्ली एनसीआर में पुलिस लगातार भागदौड़ में जुटी थी। बेहद शातिर प्रवीण डागर को राजस्थान की दौसा पुलिस ने दबोचा था और फिर उसे उत्तराखंड एसटीएफ बी वारंट पर रुड़की लेकर आई थी।