रविवार की सुबह केदारनाथ धाम में पूजा संपन्न करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी सुरक्षा घेरा तोड़ लोगों के पास चले गए। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों से दूर रहने के लिए कहा।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह ध्यान गुफा से बाहर आकर गुनगुनी धूप का आनंद लिया। उन्होंने योग भी किया। इसके बाद वह केदारनाथ मंदिर के लिए पैदल ही चल दिए। रास्ते में प्रधानमंत्री ने प्रकृति के सौंदर्य का आनंद लिया। करीब डेढ़ किलोमीटर के रास्ते पर वह कई जगह रुके और बर्फ से ढकी पहाड़ियों को निहारा।
उन्होंने प्राकृतिक स्रोत से पानी भी पिया। वह कुछ देर के लिए एक बैंच पर भी बैठे। वहीं नदी किनारे पत्थर पर बैठकर प्रकृति का आनंद लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर केदारनाथ मंदिर में पहुंचे। जहां उन्होंने करीब बीस मिनट तक भगवान भोले नाथ की पूजा और अभिषेक किया।
पूजा के बाद वह मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि मैं इलेक्शन कमिशन का आभार मानता हूं कि ये दो दिन मुझे मिले। मेरा सौभाग्य है कि इस आध्यात्मिक भूमि पर आने का मुझे वर्षों से मौका मिलता रहा है। कहा कि मैं भगवान से कभी मांगता नहीं हूं। मांगना मेरी प्रवृति नहीं है। भगवान ने तो मांगने नहीं, देने योग्य बनाया है।
कहा कि गुजरात में रहते हुए अपनी तरह से प्रयत्न करता रहता था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद सौभाग्य से यहां भी भाजपा की सरकार बनी। केदारनाथ की परिस्थितियां बेदह प्रतिकूल है। मास्टर प्लान के आधार पर केदारनाथ में पुनर्निर्माण किया जा रहा है।