पीएम नरेंद्र मोदी के केदारनाथ आगमन ने एक बार फिर भगवान शिव के इस धाम को देश-दुनिया की नजरों में ला दिया है। लोकसभा चुनाव से उपजे माहौल और नतीजे की बेसब्री से होती प्रतीक्षा के बीच मोदी ने केदारनाथ आकर यात्रा का जबरदस्त प्रमोशन कर दिया है। रविवार को जब वह बद्रीनाथ पहुंचेंगे, तो प्रमोशन का यह क्रम और मजबूती से आगे बढ़ जाएगा।
वर्ष 2014 में पीएम बनने के बाद से नरेंद्र मोदी ने चौथी बार केदारनाथ की यात्रा की है। केदारनाथ से उनका लगाव का पुराना इतिहास है, जिसमें बात केदारनाथ क्षेत्र में उनकी साधना से भी जुड़ी है, तो 2013 की आपदा से भी जुड़ी है। आपदा के बाद गुजरात के सीएम रहते हुए भी मोदी तुरंत उत्तराखंड आ गए थे।
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केदारनाथ धाम तैनात एसपीजी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने गुजरात सरकार की ओर से मंदिर के पुनर्निर्माण की पेशकश की थी, जिसे विजय बहुगुणा सरकार ने ठुकरा दिया था। पीएम बनने के बाद केदारनाथ पुनर्निर्माण पर मोदी के फोकस को देश-दुनिया ने बहुत करीब से महसूस किया है। मोदी की केदारनाथ यात्रा पर तमाम तरह की बातें हैं।
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केदारनाथ में पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा इसे अध्यात्मिक यात्रा बता रही है, तो कांग्रेस को इसमें चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ते हुए नजर आ रही हैं। विपक्ष इसे विशुद्ध राजनीतिक दौरा बता रहा है। इन स्थितियों के बीच, चारधाम यात्रा के लिहाज से बात करें, तो मोदी का दौरा यात्रा को शुरुआत में ही नई ऊर्जा देने वाला साबित होने जा रहा है।
दरअसल, चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से इस बार राज्य सरकार यात्रा के प्रमोशन के लिए कुछ नहीं कर पाई है। यात्रा के इंतजाम भी पिछडे़ हुए रहे हैं। इन स्थितियों के बीच, मोदी के आने के बाद सुरक्षित उत्तराखंड का संदेश और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ना तय माना जा रहा है।