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उत्तराखंड: पंचायती राज संशोधन एक्ट को हाईकोर्ट में चुनौती, 6 अगस्त को हो सकती है सुनवाई
Tue, 06 Aug 2019 08:27 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 06 Aug 2019 08:27 AM IST
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हाईकोर्ट में उत्तराखंड ग्राम प्रधान एसोसिएशन ने सरकार की पंचायती राज संशोधन एक्ट को चुनौती दी है। एसोसिएशन ने दो से अधिक बच्चे होने पर चुनाव लड़ने पर रोक लगाने तथा चुनाव लड़ने के लिए हाईस्कूल पास होना अनिवार्य करने के प्रावधानों को नियम विरुद्ध मानकर यह चुनौती कोर्ट में दी है।
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संगठन का यह भी कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की दो बेटियां और एक पुत्र है या दो पुत्र और एक पुत्री। यदि पुत्रियों की शादी हो गई हो तो उन्हें किस परिवार का हिस्सा माना जाए। मामले की सुनवाई 6 अगस्त को हो सकती है।
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मामले के अनुसार कोटाबाग निवासी मनोहर लाल आर्या ने उत्तराखंड ग्राम प्रधान एसोसिएशन की ओर से याचिका दायर की है। उनका कहना है कि सरकार ने पंचायत राज एक्ट में संसोधन कर ग्राम प्रधान और अन्य पदों पर चुनाव लड़ने के लिए दो से अधिक बच्चे न होने और हाईस्कूल पास होना अनिवार्य कर दिया है।
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एसोसिएशन का कहना है कि इन संशोधनों को सरकार पुरानी तिथि से लागू कर रही है, जबकि इसे लागू करने से पहले तीन सौ दिन का समय दिया जाना चाहिए था। उत्तराखंड पहाड़ी राज्य है। यहां पर ग्राम प्रधान के लिए हाईस्कूल पास उम्मीदवार मिलना कठिन है। एसोसिएशन ने पंचायत चुनाव पुराने नियमों के तहत ही कराने की मांग की है।