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Dehradun News: पानी की बर्बादी पर 15 घरों और तीन ट्यूबवेल संचालकों को नोटिस
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पेयजल की बर्बादी और पानी बेचने का धंधा करने वालों पर जल संस्थान ने शिकंजा करना शुरू कर दिया है। रविवार को जल संस्थान की नॉर्थ डिवीजन की टीम ने कौलागढ़ जोन में चेकिंग अभियान चलाया। 15 घरों में पानी की बर्बादी मिली। वहीं, घरेलू कनेक्शन पर अवैध तरीके से संचालित तीन ट्यूबवेल भी पकड़े गए। जल संस्थान ने ट्यूबवेल संचालकों और 15 घरों के स्वामियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जवाब नहीं देने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी है।
रविवार की सुबह नॉर्थ डिवीजन की टीम कौलागढ़ जोन में निरीक्षण करने पहुंची। वहां 15 घरों में पेयजल की बर्बादी की जा रही थी। इन सभी घरों के स्वामियों को नोटिस दिए गए। तीन ट्यूबवेल भी निजी कनेक्शन से अवैध रूप से चल रहे थे। ट्यूबवेल संचालक एनओसी भी नहीं दिखा सके। अधिशासी अभियंता नॉर्थ डिवीजन की ओर से इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता अभय भंडारी, अपर सहायक अभियंता मोनिका बिष्ट आदि रहे। वहीं, शनिवार को जल संस्थान ने नौ ट्यूबवेल ऐसे चिह्नित किए थे जो घरेलू कनेक्शन से चल रहे थे और उनसे पानी बेचा जा रहा था।
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घरों में करते हैं पेयजल की बर्बादी
शहर में ऐसे तमाम घर हैं जहां पर पेयजल की बर्बादी होती है। घरों में फर्श और वाहनों की धुलाई की जाती है। गार्डन में पानी छोड़ा जाता है। इससे हजारों लीटर पेयजल की बर्बादी होती है। जल संस्थान की मुख्य महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग का कहना है कि पेयजल की बर्बादी करने से खुद को रोकना होगा। अगर पेयजल की बर्बादी नहीं रुकी तो आने वाले दिनों में संकट अधिक होगा।
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रविवार की सुबह नॉर्थ डिवीजन की टीम कौलागढ़ जोन में निरीक्षण करने पहुंची। वहां 15 घरों में पेयजल की बर्बादी की जा रही थी। इन सभी घरों के स्वामियों को नोटिस दिए गए। तीन ट्यूबवेल भी निजी कनेक्शन से अवैध रूप से चल रहे थे। ट्यूबवेल संचालक एनओसी भी नहीं दिखा सके। अधिशासी अभियंता नॉर्थ डिवीजन की ओर से इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता अभय भंडारी, अपर सहायक अभियंता मोनिका बिष्ट आदि रहे। वहीं, शनिवार को जल संस्थान ने नौ ट्यूबवेल ऐसे चिह्नित किए थे जो घरेलू कनेक्शन से चल रहे थे और उनसे पानी बेचा जा रहा था।
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घरों में करते हैं पेयजल की बर्बादी
शहर में ऐसे तमाम घर हैं जहां पर पेयजल की बर्बादी होती है। घरों में फर्श और वाहनों की धुलाई की जाती है। गार्डन में पानी छोड़ा जाता है। इससे हजारों लीटर पेयजल की बर्बादी होती है। जल संस्थान की मुख्य महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग का कहना है कि पेयजल की बर्बादी करने से खुद को रोकना होगा। अगर पेयजल की बर्बादी नहीं रुकी तो आने वाले दिनों में संकट अधिक होगा।
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