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कार्बेट पार्क में अब रात को नहीं रुक पाएंगे सैलानी, जानिए क्या है वजह
ब्यूरो / अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)
Updated Mon, 12 Jun 2017 12:54 PM IST
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कॉर्बेट नेशनल पार्क
- फोटो : अमरउजाला
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गर्मियों की छुट्टियों के कारण इन दिनों कार्बेट नेशनल पार्क देशी, विदेशी सैलानियों से गुलजार है। लेकिन अब सैलानी यहां रात्रि विश्राम नहीं कर सकेंगे।
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बरसात के कारण कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के वन विश्राम गृह (एफआरएच) में 15 जून के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। इसी दिन से उस टूरिज्म जोन में भी पर्यटकों को रात में ठहरने की सुविधा नहीं मिलेगी जो सालभर खुले रहते हैं।
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सोमवार से 14 जून तक जाने वाले पर्यटकों के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग सेवा बंद कर दी जाएगी। बरसात की समाप्ति के बाद इनमें 15 नवंबर से दोबारा प्रवेश मिल सकेगा।
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सोमवार से पार्क में ऑनलाइन बुकिंग पूर्णत: बंद
tiger stops tourist way in corbett park
- फोटो : file photo
कार्बेट पार्क के स्वागती ललित आर्य ने बताया कि सोमवार से पार्क में ऑनलाइन बुकिंग पूर्णत: बंद हो जाएगी। गुरुवार को कार्बेट पार्क के सभी वन विश्राम गृह (एफआरएच) रात्रि विश्राम के लिए पूर्णत: बंद हो जाएंगे।
इसके साथ दोमुंडा जोन का दुर्गादेवी गेट, ढिकाला की कैंटर सफारी भी बंद हो जाएगी। इसके बाद बिजरानी जोन 30 जून को बंद होगा जबकि सीटीआर की दक्षिणी सीमा पर स्थित झिरना, ढेला जोन सामान्य परिस्थितियों में सालभर पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे। सिर्फ बाढ़ के दौरान रास्ते बंद होने पर ही वहां पर्यटन रोका जाएगा।
बताया कि इस वित्तीय वर्ष में कार्बेट पार्क में ढाई लाख से अधिक पर्यटक आए। इससे पार्क को नौ करोड़ से अधिक राजस्व मिला। इस सत्र में ढाई लाख से अधिक भारतीय, 12 हजार विदेशी पर्यटक आए जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में 2.30 लाख भारतीय, छह हजार विदेशी पर्यटकों से पार्क प्रशासन को आठ करोड़ का राजस्व मिला था।
इसके साथ दोमुंडा जोन का दुर्गादेवी गेट, ढिकाला की कैंटर सफारी भी बंद हो जाएगी। इसके बाद बिजरानी जोन 30 जून को बंद होगा जबकि सीटीआर की दक्षिणी सीमा पर स्थित झिरना, ढेला जोन सामान्य परिस्थितियों में सालभर पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे। सिर्फ बाढ़ के दौरान रास्ते बंद होने पर ही वहां पर्यटन रोका जाएगा।
बताया कि इस वित्तीय वर्ष में कार्बेट पार्क में ढाई लाख से अधिक पर्यटक आए। इससे पार्क को नौ करोड़ से अधिक राजस्व मिला। इस सत्र में ढाई लाख से अधिक भारतीय, 12 हजार विदेशी पर्यटक आए जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में 2.30 लाख भारतीय, छह हजार विदेशी पर्यटकों से पार्क प्रशासन को आठ करोड़ का राजस्व मिला था।