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National Games: उत्तराखंड के झोली में एक और पदक, कलारीपयट्टू में सिद्धि बडोनी ने जीता सिल्वर मेडल
Thu, 30 Jan 2025 04:13 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 30 Jan 2025 04:13 PM IST
सार
देवभूमि उत्तराखंड के खिलाड़ी कलारीयपट्टू में भी देवभूमि के लिए पदक लाने को तैयार हो रहे हैं। इसमें प्रदेश के 17 युवा अपना हुनर दिखा रहे हैं। युवाओं की ओर से पेश किए जा रहे करतब देखकर लोग भी हैरत में हैं।
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सिद्धी बड़ोनी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नेशनल गेम्स में रिजर्व पुलिस लाइन रोशनाबाद में कलारीपयट्टू खेल हुए। कलारीपयट्टू चुवाडुकल महिला वर्ग में आज उत्तराखंड की सिद्धी बड़ोनी ने रजत पदक जीता है। सिद्धी उत्तराखंड सचिवालय में संयुक्त सचिव संतोष बड़ोनी की बेटी हैं।
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केरल का पारंपरिक खेल
कलारीपयट्टू दक्षिण भारत के केरल का पारंपरिक खेल है। जो युद्ध कला प्रदर्शन की श्रेणी में आता है। माना जाता है कि ये तीन हजार वर्ष पुराना खेल है। इसकी उतपत्ति भगवान परशुराम से जुड़ी हुई है। इसे केरल में सबसे अधिक खेला जाता है। ये खेल बेहद जोखिम भरा है। इस पर कुछ विवाद भी चल रहे हैं। संभवत: यही कारण है कि इसे राष्ट्रीय खेलों में औपचारिक रूप से शामिल नहीं किया गया है।
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प्रदेश के हर स्कूल तक पहुंचाना लक्ष्य
कलारीपयट्टू एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष संतोष बड़ोनी ने बताया कि यह आत्मरक्षा का भी खेल है। बेटियों के लिए ये खेल बहुत ही लाभदायक है। खेल के लिए अधिक मैदान की जरूरत भी नहीं रहती है। छोटी जगह में खेला जाता है। इस खेल को प्रदेश के हर स्कूल तक पहुंचाने का लक्ष्य है।