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गुलदार से लड़कर भाई को बचाने वाले सुमित को मिलेगा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 

Fri, 09 Dec 2016 11:04 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 09 Dec 2016 11:04 AM IST
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national bravery award to sumit
sumit

देहरादून के सुमित ममगाई को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार मिलेगा। 16 वर्षीय सुमित ने पाठल से गुलदार का सामना कर अपने चचेरे भाई रितेश की जान बचाई थी।

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पुरस्कार के लिए उत्तराखंड से भेजे गए तीन बच्चों में से भारतीय बाल कल्याण परिषद ने सुमित के नाम का चयन किया है। जिसे 26 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली में पुरस्कृत करेंगे। वहीं सुमित देश के अन्य बहादुर बच्चों के साथ गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होगा।
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सुमित चचेरे भाई रितेश के साथ आठ नवंबर 2015 को गांव के पास पशुओं के लिए घास लेने जा रहा था। इसी बीच सुमित के चचेरे भाई पर गुलदार झपट गया। गुलदार के सिर पर झपटते ही सुमित ने साहस का परिचय देते हुए गुलदार की पूंछ खींचकर पाठल से उस पर कई वार किए। उसने गुलदार पर पत्थर फेंकने के साथ ही शोर भी मचाया। इससे गुलदार घबरा गया और भाग गया।
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फुलेत गांव निवासी सुरेश दत्त मंमगाई के पुत्र सुमित की इस बहादुरी पर उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से सुमित का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली को भेजा गया था।

उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के महासचिव वीके डोभाल व संयुक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए सुमित के नाम के चयन की पुष्टि करते हुए कहा कि गुलदार के हमले से घायल सुमित के भाई रितेश के सिर और हाथ से खून बह रहा था। सुमित ने घायल भाई को कंधे का सहारा देकर घर पहुंचाया। जिसे बाद में 108 की मदद से दून अस्पताल में भर्ती कराया गया। 


प्रदेश में अब तक यह बहादुर बच्चे हो चुके पुरस्कृत
वर्ष 2003 में टिहरी गढ़वाल से हरीश राणा, 2004 में हरिद्वार से माजदा, 2007 में अल्मोड़ा की पूजा कांडपाल, वर्ष 2010 में दून के प्रियांशु जोशी इसी वर्ष दून की श्रुति लोधी (मरणोपरांत), वर्ष 2011 में रुद्रप्रयाग के कपिल नेगी, 2014 में चमोली की मोनिका उर्फ मनीषा (मरणोपरांत), 2014 में ऋषिकेश के लाभांशु एवं 2015 में टिहरी के अर्जुन को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से पुरस्कृत किया जा चुका है। 

परिषद ने जताई खुशी 
राज्य बाल कल्याण परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील चंद डोभाल, उपाध्यक्ष डॉ.आईएस पाल, कुसुम रानी नैथानी व मधु बेरी ने सुमित का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चयनित होने पर खुशी जताई है। 

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