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बिना लाइसेंस चल रही सरसों तेल की फैक्ट्री पकड़ी

Thu, 05 Aug 2021 01:37 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 05 Aug 2021 01:37 AM IST
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Mustard oil factory running without license caught
पटेलनगर इंडस्ट्रियल एरिया में पकड़ी गई सरसों तेल फैक्ट्री। संवाद - फोटो : DEHRADUN
देहरादून। पटेलनगर पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने इंडस्ट्रीयल क्षेत्र में बिना लाइसेंस चल रही सरसों तेल की फैक्ट्री पकड़ी है। फैक्ट्री मालिक के पास केवल रिपैकिंग का लाइसेंस है। जबकि, वह नामी ब्रांड के तेल को बिना लाइसेंस सप्लाई कर रहा था। मौके से भारी मात्रा में सरसो तेल बरामद हुआ है। यहां पर रिफाइंड ऑयल भी भरा हुआ था। सभी के सैंपल लेकर रुद्रपुर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
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इंस्पेक्टर प्रदीप राणा ने बताया कि इंडस्ट्रीयल एरिया पटेलनगर में मानकों के विरुद्ध सरसों तेल की फैक्ट्री संचालित होने की सूचना मिली थी। इस पर एसपी सिटी सरिता डोभाल और सीओ अनुज कुमार की निगरानी में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने शगुन एग्रो ऑयल देहराखास में छापा मारा। यहां पर दो लोडरों में भारी मात्रा में सरसों के तेल के टिन भरे मिले। दोनों लोडरों से 120 टिन (15-15 लीटर) जब्त किए गए। इनमें 39 टिन पर कोई लेबल नहीं था। जबकि, 71 टिन अलग-अलग ब्रांड के टिन थे। मौके पर फैक्ट्री के मालिक को बुलाकर कागजात चेक किए गए तो वह केवल रिपैकिंग (दोबारा पैकिंग) का लाइसेंस था। इसके अलावा वहां पर न तो कोई शुद्धता जांचने की मशीन थी और न ही अन्य कोई लाइसेंस। मौके पर नगर निगम से खाद्य विभाग की टीम को भी बुला लिया गया। उसके पास विभिन्न ब्रांड के सरसों तेल और रिफाइंड ऑयल भरे हुए तो थे, लेकिन इसकी बिक्री के लिए कोई डिस्ट्रीब्यूटर लाइसेंस नहीं था। ऐसे में उसके सभी तेलों के सैंपल लेकर रुद्रपुर राजकीय प्रयोगशाला को भिजवाए जा रहे हैं।
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नहीं थी कोई बिलिंग की व्यवस्था
फैक्ट्री का मालिक बिना शुद्धता जांच के तेल बेच रहा था। साथ ही वहां पर किसी टिन का बिल भी मौजूद नहीं था। यहां पर स्कूटर ब्रांड, हिमानी बेस्ट च्वाइस, फॉर्च्यून, नीरज सरसों तेल, रिफाइंड पाउच आदि ब्रांड के टिन भी रखे हुए थे। इनका किसी का भी बिल उसके पास मौजूद नहीं था। यह अपराध खाद्य संरक्षा और मानक अधिनियम अधिनियम 2006 के अंतर्गत दंडनीय है। इसमें छह माह का कारावास व तीन से पांच लाख रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान है।
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