Mother's Day 2020: मां के उत्साहवर्धन से मिला मुकाम, डॉक्टर की प्रैक्टिस छोड़ आईपीएस बनी बेटी
- सहसपुर थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस विशाखा अशोक ने बताई सफलता की कहानी
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देहरादून के सहसपुर की थाना प्रभारी और प्रशिक्षु आईपीएस विशाखा अशोक बधाणे को यह मुकाम मां के हौसले से हासिल हुआ है। मूल रूप से महाराष्ट्र के नासिक की रहने वालीं विशाखा अशोक अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर ही डॉक्टर की प्रैक्टिस छोड़ आईपीएस बनी हैं।
उन्होंने पांचवीं तक पढ़ाई गांव के ही प्राइमरी स्कूल से की थी। प्राइवेट स्कूल से इंटर करने के बाद उनका चयन बीएएमएस में हो गया। जिस स्कूल में वह पढ़ती थीं, पिता अशोक उसी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। विशाखा बतातीं हैं कि घर का खर्च चलाने के लिए मां कोकिला स्कूल के बाहर छोटी सी दुकान लगाती थीं। पूरा परिवार एक छोटे से कमरे में गुजर बसर करता था।
बचपन अभाव में गुजरने के बावजूद मां से उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। विशाखा परिवार में एक भाई और दो बहनों में सबसे छोटी हैं। उन्होंने बताया कि महज आठवीं पास उनकी मां तीनों भाई बहनों की पढ़ाई लिखाई पर पूरा ध्यान रखती थीं।
यही कारण है कि आज वह इस मुकाम पर पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि 10 साल पूर्व मां के गुजरने के बाद बड़ी बहन संध्या ने उन्हें मां की कमी कभी महसूस नहीं होने दी। जब वह डॉक्टरी कर रहीं थी, तब उनके कुछ दोस्त यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे।
इसे देखते हुए उन्होंने भी सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी। फिर उन्हें लगा कि प्रैक्टिस के साथ पढ़ाई संभव नहीं है तो उन्होंने प्रैक्टिस छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं। उन्होंने दो बार के प्रयास में ही सफलता हासिल कर ली। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड नेचर से भरपूर है। यहां की प्रकृति उन्हें खासा आकर्षित करती है।