नमामि गंगे प्रोजेक्ट को लेकर मोदी सरकार का बड़ा कदम, अब 1900 करोड़ से पूरे होंगे काम
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उत्तराखंड में तैयार हो रहे केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी नमामि गंगे प्रोजेक्ट ने अब विस्तार ले लिया है। पूर्व में जो योजना 888 करोड़ रूपये में तैयार हो रही थी अब उस योजना पर केंद्र सरकार करीब 1900 करोड़ रूपये खर्च करेगी।
हाल ही में उत्तराखंड पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस योजना को विस्तार देने की बात कही थी। जिसके बाद पेयजल निगम ने गढ़वाल मंडल के साथ कुमांऊ मंडल के भी चार शहरों को इस योजना से जोड़ दिया है। अब इस प्रोजेक्ट के तहत 21 की बजाय 41 योजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इस संबंध में पेयजल निगम ने नई 20 योजनाओं का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है।
बता दे कि केंद्र सरकार ने तीन साल पहले नमामि गंगे योजना का शुभारंभ किया था। उस समय केदारनाथ से लेकर हरिद्वार पहुंचने वाली गंगा नदीको साफ किया जाना था। इसके लिए पेयजल निगम ने गंगा नदी के किनारे गढ़वाल मंडल के 15 शहरों से जुड़ी करीब 21 योजनाओं का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा था।
करीब एक साल की मशक्कत के बाद केंद्र सरकर ने 888 करोड़ रूपये में तैयार होने वाली इन योजनाओं पर मोहर लगा दी थी। जिसके बाद पेयजल निगम ने हरिद्वार से नमामि गंगे प्रोजेक्ट की शुरूआत थी।
अभी कुछ समय पहले उत्तराखंड पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यहां सर्वे किया, जिसमें उन्होंने पाया की गंगा को पूरी तरह साफ करने के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट को विस्तार देने की जरूरत है।
इस संबंध में उन्होंने शासन से वार्ता कर नमामि गंगे को विस्तार देने की बात कही। कैबिनेट मंत्री के निर्देश के बाद उत्तराखंड पेयजल निगम ने गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, नई टिहरी, श्रीनगर, स्वर्गआश्रम में बनने वाली योजनाओं पर जोर दिया।
इसके साथ ही अब इस प्रोजेक्ट के तहत देहरादून के कुछ हिस्से में भी योजनाओं का निर्माण किया जाएगा। वहीं कुमांऊ मंडल के रामनगर, काशीपुर, धारचूला व टनकपुर शहर को भी प्रोजेक्ट से जोड़नें की कवायद शुरू हो चुकी है।
वर्तमान स्थिति को देखे तो रामनगर, काशीपुर, धारचूला व टनकपुर शहर व गढ़वाल मंडल के पांच शहरों में करीब 1000 करोड़ रूपये के सीवरेज योजनाएं तैयार की जाएगी। पेयजल निगम ने इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा दिया।
केंद्र से अनुमति मिलने के बाद गंगा को स्वच्छ करने का शुरू कर दिया जाएगा। कैबिनेट मंत्री के मुताबिक नई योजनाओं के प्रस्ताव पर जल्द मोहर लग जाएगी। जिसके बाद उत्तराखंड में गंगा को पूरी तरह साफ सुथरा बनाया जा सकता है।
केंद्र सरकार के निर्देश के बाद नमामि गंगे का विस्तार किया गया है। इसी के तहत अब एक हजार करोड़ रूपये की नई योजनाएं इस प्रोजेक्ट में शामिल की गयी है। अब नमामि गंगे प्रोजेक्ट 1900 करोड़ में पूरा होगा।
भजन सिंह, प्रबंध निदेशक पेयजल निगम