उत्तराखंड: नए एसपी का स्वागत करने गए थे खनन कारोबारी, रिश्वत देने के आरोप में हुए गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह को 20 हजार की रिश्वत देने पहुंचे कटियार माइंस के प्रबंधक और लायजनिंग ऑफिसर (अधिवक्ता) को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी ने मुकदमा दर्ज कराकर इनको खुद गिरफ्तार कराया।
आरोप है कि ये लोग अवैध खनन, खनन वाहनों की ओवरलोडिंग करने देने गुजारिश कर रिश्वत की पेशकश कर रहे थे। दोनों को जिला सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। इधर, अधिवक्ता की गिरफ्तारी से नाराज अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया।
कटियार माइंस रीमा में कार्यरत खान प्रबंधक भगवान सिंह पुत्र आदित्य नारायण सिंह (निवासी बरवाड़ा, जिला कटनी, मध्य प्रदेश) और खान के कानूनी सलाहकार और लायजनिंग आफिसर (एडवोकेट इंद्र सिंह धामी पुत्र चंद्र सिंह निवासी तहसील रोड, बागेश्वर) बुधवार को करीब छह बजे पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के कलेक्ट्रेट स्थित आवास पहुंचे।
बकौल एसपी, उन्होंने खुद को खड़िया के कर्मी बताते हुए कहा कि खड़िया खान में अवैध खनन भी होता है और खड़िया के ओवरलोड वाहन बागेश्वर से हल्द्वानी भेजे जाते हैं। ये काम पुलिस की मेहरबानी के बिना संभव नहीं है। दोनों ने एसपी से अवैध खनन और ओवरलोडिंग को अनदेखा करने की गुजारिश की।
इससे पहले कि एसपी कुछ समझ पाते उन्होंने एसपी को एक मिठाई का डिब्बा, 2019 वर्ष की एक डायरी, एक लिफाफा दिया। लिफाफा देखकर एसपी हक्के-बक्के रह गए। उन्होंने दोनों से लिफाफा खुलवाया तो लिफाफे में 20 हजार रुपये निकले।
इस पर एसपी भड़क गए। उन्होंने तुरंत कोतवाली पुलिस को फोन कर आवास में बुलवाया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करा दिया। कोतवाल तिलक राम वर्मा ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 8/9 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एसपी ने सीओ महेश जोशी को मामले की जांच सौंपी है।