Haridwar Maha Kumbh Mela 2021: दिव्य, भव्य, सुंदर, स्वच्छ और सुरक्षित होगा महाकुंभ, तैयारियों का पहला वीडियो जारी
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एसओपी जारी होने के बाद कोविड-19 के बीच कुंभ आयोजन को लेकर तमाम अटकलें दूर हो गई हैं। मेला प्रशासन ने कुंभ तैयारियों से संबंधित पहला वीडियो जारी कर दिया है। वीडियो मेलाधिकारी दीपक रावत की फेसबुक एकाउंट से जारी हुआ है। वीडियो में कहा गया है कि कोविड की चुनौतियों के बीच महाकुंभ के लिए हरिद्वार पूरी तरह तैयार है।
आगामी कुंभ को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से हरिद्वार में युद्धस्तर पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसी बीच प्रदेश सरकार ने कुंभ आयोजन की तैयारियों का पहला वीडियो जारी किया है। एक मिनट का वीडियो मेलाधिकारी दीपक रावत के फेसबुक पेज से शेयर हुआ है। वीडियो को 30 हजार से अधिक लोग देख और 550 लोग शेयर कर चुके हैं। वीडियो के माध्यम से संदेश दिया गया है कि महाकुंभ दिव्य, भव्य, सुंदर, स्वच्छ और सुरक्षित होगा।
कुंभ मेले के शाही स्नान पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। प्रदेश सरकार को कोरोना से बचाव के लिए दवा का सहारा लेकर ही सीमित दायरे में जनता को हरिद्वार आने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि संक्रमण से बचाव हो सके।भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का स्पंदन है महाकुंभ। दिव्य, भव्य और सुरक्षित महाकुंभ के लिए धर्मनगरी हरिद्वार तैयार है। #Mahakumbh2021 pic.twitter.com/s2oB6ppQ1L
विज्ञापन विज्ञापन— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) January 25, 2021
- स्वामी सोमेश्वरानंद गिरि, वरिष्ठ महामंडलेश्वर, निरंजनी अखाड़ा
कुंभ मेले में यदि कोई धार्मिक आयोजन नहीं होंगे तो मेले के आयोजन का कोई अभिप्राय नहीं है। सरकार कुंभ आयोजन ठीक से नहीं कराती है तो अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों को कुंभ का बहिष्कार करना चाहिए। कुंभ का आधार आस्था और धर्म है। यदि सरकार सुरक्षित ढंग से कुंभ नहीं करा सकती है तो वैसे भी कुंभ मेले को 2022 में आयोजित किया जा सकता है।
- स्वामी ऋषिश्वरानंद, परमाध्यक्ष, चेतन ज्योति आश्रम
कुंभ मेले में सात पीसीएस अफसरों की तैनाती
शासन ने विभिन्न जिलों में जिला कलेक्टर पद पर तैनात सात पीसीएस अफसरों का कुंभ मेले के लिए तबादला कर दिया है। सभी अफसरों को मेला अधिकारी कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
कार्मिक एवं सतर्कता विभाग से जारी आदेश के मुताबिक, पौड़ी के जिला कलेक्टर योगेश सिंह, हरिद्वार के संतोष कुमार पांडेय, ऊधमसिंह नगर के अब्ज प्रसाद वाजपेयी, ऊधमसिंह नगर के सुंदर सिंह नैनीताल के अनुराग आर्या, पिथौरागढ़ के अनिल शुक्ला व अल्मोड़ा डिप्टी कलेक्टर गौरव पांडेय को कुंभ मेले की व्यवस्था के संचालन के लिए मेलाधिकारी कार्यालय में संबद्ध होने का आदेश दिया गया है।
श्रद्धालुओं को बांटे जाएंगे निशुल्क मास्क
मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि केंद्र सरकार की एसओपी जारी होने के बाद कुंभ आयोजन कैसे करना है स्थिति स्पष्ट हो गई है। मेला प्रशासन अब उसी हिसाब से तैयारी में जुट गया है। मेलाधिकारी ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह हाथ धोने और सैनिटाइजर की सुविधा के अलावा घाटों के प्रवेश और निकासी के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं के मास्क पहनकर आने की अनिवार्यता होगी। यदि किसी श्रद्धालु के पास मास्क नहीं होगा तो मेला प्रशासन निशुल्क मास्क बांटेगा।
50 हजार कुंभ कर्मचारियों को मिलेगा कोविड कवच
कुंभ से पहले मेला ड्यूटी में तैनात 50 हजार कर्मचारियों को कोरोना कवच पहनाया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की कुंभ को लेकर जारी एसओपी में केवल कोविड का टीका लगवाने वाले कर्मचारियों को ही मेला ड्यूटी में लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए मेला स्वास्थ्य विभाग ने 1.10 लाख डोज की डिमांड शासन को भेज दी है। फरवरी के अंत तक सभी फ्रंट लाइन वर्करों के कोविड वैक्सीन का टीका लगा दिया जाएगा।
कुंभ-2021 में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुंभ स्नान के लिए जारी कोविड गाइडलाइन में यह माना है। ऐसे में श्रद्धालुओं के सीधे संपर्क में आने वाले कर्मचारियों के संक्रमित होने की संभावना भी बनी रहेगी। अगर कर्मचारी संक्रमित होते हैं तो उनके संपर्क में आए अन्य कर्मचारियों को भी आइसोलेट करना पड़ेगा। ऐसे में मेला प्रशासन को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में मेला प्रशासन ने कर्मचारियों के वैक्सीनेशन की मांग हाइ पावर कमेटी के समक्ष रखी थी। अब केंद्र ने कोविड एसओपी में कुंभ मेला ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के वैक्सीनेशन को अनिवार्य किया है। मेला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य कर्मी, पैरामिलिट्री फोर्स, सफाई कर्मी, पेयजल, सिंचाई, विद्युत निर्माण विभागों आदि विभागों के करीब 50 हजार कर्मचारी मेला ड्यूटी में तैनात हैं।
इनके वैक्सीनेशन के लिए करीब एक लाख कोविड डोज की जरूरत होगी। मेलाधिकारी स्वास्थ्य डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर ने बताया कि मेला ड्यूटी में तैनात 50 हजार कर्मचारियों के वैक्सीनेशन के लिए एक लाख 10 हजार कोविड डोज की डिमांड शासन को भेजी गई है। इसमें 10 फीसदी डोज वेस्टेज को शामिल किया गया है।