फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Lok Sabha elections Uttarakhand History whole mountain stood against Indira Gandhi with support of Bahuguna

Lok Sabha Elections: फ्लैश बैक...जब बहुगुणा के समर्थन में इंदिरा गांधी के खिलाफ खड़ा हो गया था पूरा पहाड़

Sat, 16 Mar 2024 07:18 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 16 Mar 2024 07:18 AM IST
सार

उत्तराखंड के इतिहास में 1982 के उपचुनाव जैसा चुनाव शायद ही कभी हुआ हो। जब हेमवती नंदन बहुगुणा ने चुनावी सभा की तो इतनी भीड़ जुटी की पांव रखने के लिए जमीन नहीं बची। तब ये अटकलें भी लगी कि बहुगुणा की जमीनी ताकत का अंदाजा लगाने के लिए इंदिरा गोपनीय ढंग से देहरादून पहुंची थी और उन्होंने परेड ग्राउंड के एक स्थान पर गुप्त रूप से बहुगुणा का भाषण सुना।

विज्ञापन
Lok Sabha elections Uttarakhand History whole mountain stood against Indira Gandhi with support of Bahuguna
हेमवती नंदन बहुगुणा व इंदिरा गांधी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अस्सी के दशक में इंदिरा गांधी को देश की सबसे ताकतवर नेताओं में माना जाता था। उत्तराखंड का गढ़वाल क्षेत्र तब कांग्रेस का गढ़ था। लेकिन 1982 के उपचुनाव में गढ़वाल सीट पहाड़ पुत्र हेमवती नंदन बहुगुणा और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बीच की जंग का अखाड़ा बन गई। दो दिग्गजों की जंग के कारण लोकसभा का एक उपचुनाव देश की राजनीति में सबसे बड़ा चर्चा का विषय था। इस उपचुनाव में पूरा पहाड़ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे बहुगुणा के समर्थन में इंदिरा के खिलाफ आ खड़ा हुआ था।

विज्ञापन

 

उत्तराखंड के चुनावी इतिहास में 1982 के उपचुनाव को सबसे दिलचस्प चुनाव माना जाता है। जानकार बताते हैं कि कांग्रेस में बगावत करके गढ़वाल सांसद हेमवती नंदन बहुगुणा ने 1982 में पार्टी और संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। गढ़वाल सीट पर उपचुनाव हुआ और एक बार फिर बहुगुणा निर्दलीय उम्मीदवार के तौर मैदान में थे।

विज्ञापन


इंदिरा गोपनीय ढंग से पहुंची थी देहरादून
कांग्रेस ने चंद्र मोहन सिंह नेगी को बहुगुणा के खिलाफ उतारा। नेगी को इंदिरा के प्रतिनिधि के तौर पर देखा गया। बहुगुणा इस विद्रोह का पहाड़ का एक बड़ा वर्ग कायल था। जब बहुगुणा ने चुनावी सभा की तो इतनी भीड़ जुटी की पांव रखने के लिए जमीन नहीं बची।
विज्ञापन
विज्ञापन


तब ये अटकलें भी लगी कि बहुगुणा की जमीनी का ताकत का अंदाजा लगाने के लिए इंदिरा गोपनीय ढंग से देहरादून पहुंची थी और उन्होंने परेड ग्राउंड के एक स्थान पर गुप्त रूप से बहुगुणा का भाषण सुना। इंदिरा ने बहुगुणा को उन्हीं की जमीन पर हराने की ठानी थी।


ये भी पढ़ें...Uttarakhand: जल्द होगा प्रवासी सम्मान समारोह, देश का पसंदीदा वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए लाई जाएगी नीति

उनकी गढ़वाल में एक दर्जन से अधिक सभाएं कीं। इंदिरा ने तत्कालीन गृह मंत्री जैल सिंह तक को उपचुनाव में भेजा। देहरादून के कांग्रेस भवन में उन्होंने कई दिन तक कैंप किया। सारी ताकत और मशीनरी झोंकने के बावजूद कांग्रेस बहुगुणा से चुनाव हार गई। गढ़वाल में बहुगुणा का शानदार प्रदर्शन रहा। देहरादून में जरूर उन्हें कड़ी चुनौती मिली। जब-जब लोस चुनाव आते हैं तो 1982 का उप चुनाव सहसा स्मृतियों में उतर आता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed