चुनाव प्रचार: स्टार प्रचारक ने किया ऐसा तो प्रत्याशी के खाते में जुड़ जाएगा रैली का खर्चा
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चुनावी रैली के दौरान स्टार प्रचारक ने मंच से प्रत्याशी का नाम भी लिया तो 50 प्रतिशत खर्च प्रत्याशी के खाते में जुड़ जाएगा। लोकसभा चुनाव में धन बल का प्रयोग रोकने के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में 2733 टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें चुनाव में प्रत्याशी के खर्चों पर पैनी नजर रखेंगी।
निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने वाले एक प्रत्याशी के लिए चुनावी खर्च की सीमा 70 लाख रुपये निर्धारित की है। चुनाव में इससे अधिक खर्च को रोकने के लिए आयोग ने प्रत्याशियों व राजनीतिक दलों को निर्देश जारी किए हैं।
चुनावी रैली में स्टार प्रचारक की ओर से नाम लेने पर प्रत्याशी का चुनावी खर्च बढ़ जाएगा। चुनावी रैली पर होने वाले खर्च का 50 प्रतिशत सीधे प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा। चुनावी खर्चों का आकलन करने के लिए आयोग ने बाकायदा सामानों की रेट लिस्ट जारी की है।
प्रत्याशियों को खोलना पड़ेगा अलग बैंक खाता
आयोग की ओर से निर्धारित दरों के अनुसार ही प्रत्याशी के खर्च का आकलन किया जाएगा। विधानसभावार व जिलास्तर पर प्रत्याशियों के एक-एक चुनावी खर्चे की निगरानी की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या का कहना है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक प्रत्याशी को चुनाव खर्चे का ब्योरा देना होगा।
इसके लिए जिला व विधानसभा वार लेखा अनुश्रवण टीमों का गठन किया गया है। चुनावी खर्चों पर टीम मॉनीटरिंग करेंगी। यदि कोई प्रत्याशी चुनाव खर्चे का हिसाब आयोग को नहीं देता तो नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चुनावी खर्चे के लिए अलग से बैंक खाता खोलना पड़ेगा। चुनाव संबंधी खर्चों का भुगतान इसी खाते के माध्यम से किया जाएगा। 10 हजार से अधिक लेन-देन नकद नहीं होगा। इसके लिए प्रत्याशी को चेक व ऑनलाइन से ही भुगतान करना होगा। इससे यह पता चल सकेगा कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी के खाते से कितनी राशि का लेन-देन हुआ है।