मॉक पोल से मत न हटाने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, निर्वाचन आयोग से की पुनर्मतदान की मांग
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प्रदेश कांग्रेस ने मतगणना से पहले ईवीएम पर सवाल खड़े किए हैं। बुधवार को सचिवालय में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की अगुवाई में कांग्रेसियों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्य को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में पुनर्मतदान करने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि 11 अप्रैल को प्रदेश में चुनाव कराए गए। मतदान से पहले सभी बूथों पर मॉक पोल किया गया। जिन्हें निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान से पहले सेंटर यूनिट से हटाया जाना था, लेकिन प्रदेश के छह बूथों पर सीयू से मॉक पोल के मत नहीं हटाए गए, जोकि गंभीर मामला है। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि इस तरह की लापरवाही बरतने पर प्रदेश में पुनर्मतदान किया जाना चाहिए।
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मॉक पोल के मत न हटाना चुनाव की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न है। साथ ही षड़यंत्र की आशंका जाहिर होती है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्य ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया कि मॉक पोल में मतों पूरी पारदर्शिता बरती गई है।
उत्तर प्रदेश, उड़ीसा समेत देश के अन्य कई राज्यों से भी सेंट्रल यूनिट से मॉक पोल के मत न हटाने की शिकायतें आई हैं, लेकिन मॉक पोल के मतों का प्रमाण पत्र और वीवीपैट की पर्ची सील बंद की गई है।
यह सब पीठासीन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में की है। जिससे किसी तरह की गड़बड़ी होने की आशंका नहीं है। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, मुख्य कार्यक्रम समन्वयक राजेंद्र शाह, प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ.आरपी रतूड़ी, महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, पीसीसी सदस्य राजेश चमोली, राकेश नेगी, लेखराज अग्रवाल, सुनित राठौर, निहाल सिंह, आदेश कुमार मौजूद रहे।
ये है मॉक पोल की प्रक्रिया
मतदान से पहले ईवीएम मशीनों की चेकिंग करने के लिए निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक पोलिंग बूथ पर 50 मतों का मॉक पोल कराया था। मॉक पोल में किस प्रत्याशी को कितने मत मिले, इसका बकायदा पीठासीन अधिकारी की तरफ से प्रमाण पत्र और वीवीपैट की पर्ची को सील बंद लिफाफे में रखा गया। इसके बाद सीयू और वीवीपैट से मॉक पोल को हटाया जाना था। निर्वाचन आयोग का कहना है कि यदि सीयू व वीवीपैट से किसी वजह से मॉक पोल के मतों को नहीं हटाया गया तो भी प्रमाण पत्र के रिकॉर्ड से यह पता लग सकेगा कि किसे कितने मत मिले थे। उसी के अनुसार प्रत्याशी के कुल मतों से मॉक पोल के मतों को कम किया जाएगा।