हरिद्वार: गंगा मैली करना पड़ा भारी, 11 प्रतिष्ठानों समेत 55 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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नगर निगम क्षेत्र में गंगा को मैली करने पर निगम प्रशासन ने 11 होटल, भवन, आश्रम और मंदिर के अलावा 44 आम लोगों के खिलाफ नगर मजिस्ट्रेट की कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है।
खास बात यह है कि मुलतान भवन संचालक के खिलाफ भी गंगा में सीधे सीवर डालने के विरोध में केस दर्ज हुआ है जबकि मुलतान संस्था के अनुयायी हर साल हरिद्वार आकर गंगा की स्वच्छता का संकल्प लेते हैं।
हाईकोर्ट और एनजीटी ने नगर निगम प्रशासन को गंगा में प्रदूषण फैलाने वाले होटल, धर्मशाला और आश्रमों को चिह्नित कर उनके खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसके लिए मुख्य नगर आयुक्त के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच टीम बनाई गई थी।
टीम ने जांच के दौरान 11 होटल, भवन, आश्रम और मंदिर के अलावा 44 ऐसे आम लोगों को चिह्नित किया था, जिनके घरों का गंदा पानी सीधे गंगा में जा रहा था। नगर आयुक्त ललित नारायण मिश्रा ने बताया कि इनमें श्रवणनाथ नगर स्थित गुजरावाला भवन, मुलतान भवन, होटल गंगा एग्जोटिक, रामा भवन, आर्य समाज मंदिर, मेरठ वाली धर्मशाला, कोरी भवन, होटल देवनदी, स्वामी परमानंद आश्रम उदासीन, हरि विश्राम गृह और खेतेश्वर भवन कांगड़ा घाट भीमगोड़ा शामिल हैं।
यह है सजा का प्रावधान
उन्होंने बताया कि सभी के खिलाफ नगर मजिस्ट्रेट की कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 133 के तहत केस दर्ज कराया गया है। नगर मजिस्ट्रेट ने सभी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
गंगा को प्रदूषित करने पर सीआरपीसी की धारा 133 के अंतर्गत नकद जुर्माना और कारावास का प्रावधान है। जानकारों की मानें तो गंगा में प्रदूषण फैलाने पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा कम से कम एक महीने तक की सजा को सकती है।