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छात्रवृत्ति घोटाले में छह कॉलेजों पर मुकदमा दर्ज, छह साल में दी गई 30 करोड़ की रकम
Mon, 21 Oct 2019 07:50 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाल, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाल, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 21 Oct 2019 07:50 PM IST
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उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले मामले में एसआईटी ने कनखल, सिडकुल एवं बहादराबाद कोतवाली में छह शिक्षण संस्थानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए हैं। इन सभी शिक्षण संस्थानों को 30.73 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति के नाम पर दिए गए हैं।
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सोमवार को सिडकुल थाने में त्रिवेणी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एजूकेशन मेरठ बागपत रोड गांव दौला बागपत यूपी, अभिनव सेवा संस्थान महाविद्यालय राजीवपुरम कानपुर यूपी, कृष्णा प्राइवेट आईटीआई विलेज कमालपुर छुटमलपुर मुजफ्फराबाद सहारनपुर एवं मिलेनीयम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सहारनपुर यूपी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
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जिला मुख्यालय में समाज कल्याण विभाग का कार्यालय होने के कारण यहां मुकदमे दर्ज हुए हैं। वहीं कनखल में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जगजीतपुर और बहादराबाद में सिंघानिया यूनिवर्सिटी पिलानी रोड जिला झुझनू राजस्थान एवं हेमलता इंस्टीट्यूट निकट क्रिस्टल वर्ल्ड के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
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एसआईटी के अनुसार वर्ष 2012 से 2017 के बीच त्रिवेणी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एजूकेशन मेरठ बागपत को 12.14 करोड़, मिलेनियम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सहारनपुर को 6.69 करोड़, अभिनव सेवा संस्थान महाविद्यालय राजीव पुरम कानपुर यूपी को 5.48 करोड़, कृष्णा प्राइवेट आईटीआई विलेज कमालपुर छुटमलपुर मुजफ्फराबाद सहारनपुर को 5.42 करोड़, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी जगजीतपुर कनखल को 50 लाख और सिंघानिया यूनिवर्सिटी पिलानी झुझनू राजस्थान और बहादराबाद स्थित हेमलता इंस्टीट्यूट निकट क्रिस्टल वर्ल्ड को 50 लाख रुपये छात्रवृत्ति के नाम पर दिए गए हैं। एसआईटी इंचार्ज मंजूनाथ टीसी के मुताबिक हरिद्वार के अलावा बाहरी राज्यों के निजी शिक्षण संस्थानों ने स्थानीय छात्र छात्राओं का कॉलेज में दाखिला दिखाकर करोड़ों रुपये हड़पे हैं।